Home » उत्तर प्रदेश » कौन है वो महिला जिसने इच्छामृत्यु से ठीक पहले हरीश राणा को दी आखिरी विदाई? कहानी जान आंखों से आ जाएंगे आंसू

कौन है वो महिला जिसने इच्छामृत्यु से ठीक पहले हरीश राणा को दी आखिरी विदाई? कहानी जान आंखों से आ जाएंगे आंसू

Ghaziabad Harish Rana: गाजियाबाद के हरीश राणा का मामला इन दिनों पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। करीब 13 साल तक कोमा में रहने के बाद अब उन्हें सुप्रीम कोर्ट से पैसिव यूथेनेशिया यानी निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति मिल गई है। कोर्ट के आदेश के बाद हरीश राणा को दिल्ली स्थित एम्स में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनके लाइफ सपोर्ट सिस्टम को धीरे-धीरे हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस बीच सोशल मीडिया पर हरीश राणा की विदाई से जुड़ा एक भावुक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में ब्रह्माकुमारी संस्था की एक बहन हरीश को आध्यात्मिक संदेश देती नजर आ रही हैं। वह कहती सुनाई देती हैं, ‘सबको माफ करते हुए और सबसे माफी मांगते हुए अब शांति से जाओ…’ इस भावुक पल ने लोगों को गहराई से प्रभावित किया है।

कौन है महिला?

वायरल वीडियो में दिख रही महिला ब्रह्माकुमारी संस्था की बहन लवली बताई जा रही हैं> उन्होंने बताया कि हरीश राणा का परिवार करीब 18 वर्षों से ब्रह्माकुमारी संस्था से जुड़ा हुआ है। उनके अनुसार जीवन और मृत्यु को आध्यात्मिक दृष्टि से समझना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस दुनिया में हर व्यक्ति एक भूमिका निभाने आता है और समय आने पर उसे परमात्मा के पास लौटना ही होता है।

Ghaziabad Harish Rana: 13 साल तक परिवार ने की सेवा

हरीश राणा के पिता अशोक राणा और उनके परिवार ने पिछले 13 सालों को एक तपस्या की तरह बिताया है। गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन स्थित राज एंपायर सोसाइटी के लोगों के मुताबिक परिवार की पूरी जिंदगी हरीश की देखभाल के इर्द-गिर्द ही सिमट गई थी। दिन-रात उन्होंने उनकी सेवा में कोई कमी नहीं छोड़ी। हालांकि जब डॉक्टरों ने साफ कर दिया कि हरीश के ठीक होने की कोई उम्मीद नहीं बची है, तब परिवार ने भारी मन से अदालत का दरवाजा खटखटाया और इच्छामृत्यु की अनुमति मांगी।

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सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बाद एम्स के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम तय मेडिकल प्रोटोकॉल के अनुसार लाइफ सपोर्ट सिस्टम को धीरे-धीरे हटाने की प्रक्रिया पूरी कर रही है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मरीज को कम से कम तकलीफ हो और उसे सम्मानजनक विदाई मिल सके। हरीश राणा की अंतिम यात्रा की खबर से पूरी राज एंपायर सोसाइटी में गमगीन माहौल है। पड़ोसियों का कहना है कि उन्होंने राणा परिवार के लंबे संघर्ष को बेहद करीब से देखा है। ऐसे में आज हर कोई हरीश की आत्मा की शांति और परिवार को इस कठिन समय में शक्ति देने की प्रार्थना कर रहा है।

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