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Iran Crisis: दूसरे देशों के रास्ते भारतीयों की घर वापसी, ईरान युद्ध के बीच सरकार अलर्ट मोड पर

Iran Crisis:
New Delhi: A passenger arrived at Indira Gandhi International (IGI) Airport from Dubai in New Delhi on Tuesday, March 03, 2026. Amid the ongoing situation in West Asia, the first flight of Air India arrived in New Delhi from Dubai carrying 149 passengers and 8 operating crew members. (Photo: IANS/Deepak Kumar)

Iran Crisis: ईरान में जारी तनावपूर्ण हालात के बीच भारत सरकार अपने नागरिकों को सुरक्षित स्वदेश लाने में जुटी हुई है। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को जानकारी दी कि अब तक सैकड़ों भारतीय नागरिक अजरबैजान और आर्मेनिया के रास्ते भारत लौट रहे हैं। सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और फंसे हुए लोगों की मदद के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

882 भारतीयों की वापसी प्रक्रिया जारी

विदेश मंत्रालय के अनुसार, करीब 882 भारतीय नागरिक जिनमें छात्र, व्यवसायी और तीर्थयात्री शामिल हैं अजरबैजान और आर्मेनिया के रास्ते स्वदेश लौट रहे हैं। इनमें से कई लोग पहले ही भारत पहुंच चुके हैं, जबकि बाकी की वापसी प्रक्रिया जारी है। मंत्रालय ने बताया कि ईरान में मौजूद 284 तीर्थयात्रियों में से 280 सुरक्षित भारत लौट आए हैं। ये सभी आर्मेनिया के रास्ते स्वदेश पहुंचे। शेष तीन-चार लोगों के भी एक-दो दिनों में भारत पहुंचने की उम्मीद है।

Iran Crisis: आर्मेनिया और अजरबैजान रूट से निकासी

जानकारी के मुताबिक, 772 भारतीय नागरिक ईरान से जमीनी सीमा पार कर आर्मेनिया पहुंच चुके हैं, जहां से उन्हें भारत लाया जा रहा है। वहीं, अजरबैजान के रास्ते 110 लोगों की आवाजाही धीमी गति से जारी है। इनमें से कुछ भारत पहुंच चुके हैं, जबकि बाकी की वापसी जारी है।

दूतावास की सलाह का पालन जरूरी

विदेश मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि कई भारतीय नागरिकों ने अभी तक दूतावास में पंजीकरण नहीं कराया है, जिससे सटीक संख्या का अनुमान लगाना चुनौतीपूर्ण हो रहा है। मंत्रालय ने ईरान में मौजूद सभी भारतीयों से अपील की है कि वे तेहरान स्थित भारतीय दूतावास की सलाह का पालन करें और जल्द से जल्द पंजीकरण कराएं।

Iran Crisis: ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमलों पर चिंता

विदेश मंत्रालय ने खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हो रहे हमलों को लेकर भी चिंता जताई है। मंत्रालय ने कहा कि ऐसे हमले वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को प्रभावित कर रहे हैं और पहले से ही अस्थिर हालात को और गंभीर बना रहे हैं। भारत ने स्पष्ट किया है कि नागरिक और ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाना अस्वीकार्य है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए।

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