Ram Navami: देशभर में 27 मार्च को राम नवमी के त्योहार की तैयारी हो रही है, इसी बीच तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) के नेता एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने में जुट गए हैं। दोनों दलों के बीच यह राजनीतिक विवाद अब राम नवमी के आयोजन और भगवान राम के प्रति श्रद्धा को लेकर गर्मा गया है।
टीएमसी का भाजपा पर आरोप
टीएमसी नेता कुणाल घोष ने कहा कि भगवान राम की पूजा करने में कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन भाजपा इस त्योहार का इस्तेमाल अपने राजनीतिक फायदे के लिए करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा राम नवमी के नाम पर भड़काऊ राजनीति कर रही है और चुनावी लाभ उठाने के लिए भगवान राम का नाम ले रही है। साथ ही, उन्होंने भविष्यवाणी की कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा बुरी तरह हारने वाली है, जबकि टीएमसी बड़ी जीत हासिल करेगी।
Ram Navami: ममता बनर्जी का बयान
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दार्जिलिंग में एक चुनावी रैली के दौरान कहा कि हर त्योहार उनका है, और राम नवमी के अवसर पर वे भी रैली निकालेंगी। ममता ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि राम का नाम खरीदने की कोशिश नहीं की जा सकती, और भाजपा द्वारा लोगों को मारने और उनके अधिकार छीनने की निंदा की।
भाजपा का जवाब
भा.ज.पा. ने टीएमसी पर मुस्लिम समुदाय का पक्ष लेने का आरोप लगाया है। भाजपा विधायक बंकिम चंद्र घोष ने कहा कि ममता बनर्जी हिंदू समुदाय को कठिनाई में डाल रही हैं, जबकि मुस्लिम समुदाय का समर्थन कर रही हैं। भाजपा नेता शिशिर बाजोरिया ने कहा कि उनके दल का राम नवमी के त्योहार को लेकर विश्वास मजबूत है, लेकिन राज्य में सिर्फ एक धर्म को महत्व दिया जा रहा है।
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