US Iran: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच 40 दिनों तक चले संघर्ष के बाद हालात अब एक नए मोड़ पर पहुंचते दिख रहे हैं। दो सप्ताह के युद्धविराम (सीजफायर) की घोषणा के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ मिलकर काम करने का संकेत दिया है। यह घटनाक्रम वैश्विक कूटनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जिससे क्षेत्र में शांति और स्थिरता की उम्मीद बढ़ी है।
परमाणु मुद्दे और प्रतिबंधों पर बातचीत
सीजफायर के बाद दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम पर नियंत्रण, सख्त निगरानी और प्रतिबंधों में संभावित राहत जैसे अहम मुद्दों पर सहमति बनने की बात सामने आई है। ट्रंप ने कहा कि ईरान अब संघर्ष से थक चुका है और पुनर्निर्माण की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यूरेनियम संवर्धन को रोकने और परमाणु गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने को लेकर ठोस कदम उठाए जा सकते हैं।
US Iran: ट्रंप का सहयोग का संकेत और बयान
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए इसे दुनिया के लिए “बड़ा दिन” बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ मिलकर काम करेगा और कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पहले ही सहमति बन चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच टैरिफ और प्रतिबंधों में राहत को लेकर बातचीत जारी रहेगी, जिससे द्विपक्षीय संबंधों में सुधार की संभावना है।
कूटनीति से संभव हुआ युद्धविराम
यह सीजफायर उस समय घोषित किया गया जब संभावित सैन्य कार्रवाई का खतरा बढ़ रहा था। बताया गया कि ट्रंप ने तय डेडलाइन से कुछ समय पहले यह फैसला लिया, जिसमें पर्दे के पीछे हुई कूटनीति की अहम भूमिका रही। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका अपने सैन्य लक्ष्यों को हासिल कर चुका है और अब दीर्घकालिक शांति समझौते की दिशा में तेजी से प्रगति हो रही है।
ये भी पढ़ें…सबरीमाला एंट्री केस पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी, ‘अंधविश्वास और सती प्रथा’ का जिक्र








