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झारखंड में वेतन संकट: 26 साल में पहली बार कर्मचारियों को नहीं मिला मार्च का वेतन

Jharkhand news: रांची से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां झारखंड के सरकारी कर्मचारियों को इस बार लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। नया वित्तीय वर्ष शुरू हो चुका है, लेकिन 8 अप्रैल तक भी मार्च महीने का वेतन उनके खातों में नहीं पहुंचा है। राज्य के इतिहास में पिछले 26 सालों में ऐसा पहली बार हुआ है, जिससे कर्मचारियों की चिंता बढ़ती जा रही है।

वेतन अटकने की वजह क्या है?

सूत्रों के मुताबिक, इस पूरी स्थिति के पीछे कुछ बड़े कारण सामने आ रहे हैं। सबसे बड़ी वजह केंद्र सरकार से मिलने वाले ग्रांट में आई रुकावट बताई जा रही है। सरकार को उम्मीद थी कि समय पर अनुदान मिल जाएगा, लेकिन शर्तों में बदलाव और कुछ तकनीकी कारणों की वजह से पैसा समय पर नहीं आ पाया।इसके अलावा, सरकार ने समय रहते बाजार से कर्ज लेने की प्रक्रिया भी शुरू नहीं की, जिससे खजाने में नकदी की कमी हो गई। बताया जा रहा है कि वित्त विभाग ने कर्ज लेने का प्रस्ताव तैयार तो किया था, लेकिन मुख्यमंत्री स्तर पर फाइल को मंजूरी मिलने में देरी हो गई।

Jharkhand news: इतिहास में पहली बार इतना लंबा इंतजार

इससे पहले साल 2013-14 में भी वेतन में हल्की देरी हुई थी, लेकिन वह सिर्फ 3 दिनों की थी। उस समय भी काफी विवाद हुआ था। लेकिन इस बार 8 दिन बीत जाने के बाद भी वेतन का कोई ठोस अपडेट नहीं है, जो इसे और गंभीर बना रहा है।

अब आगे क्या?

Jharkhand news: अच्छी बात यह है कि सरकार ने अब इस मुद्दे पर तेजी दिखाई है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद कर्ज लेने की प्रक्रिया दोबारा शुरू कर दी गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले 5-6 दिनों में यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी और कर्मचारियों के खातों में वेतन पहुंच जाएगा।

 

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