US-Iran talks: संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता विफल होने के बाद तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। डेमोक्रेटिक सीनेटर मार्क वार्नर ने चेतावनी दी है कि यह संघर्ष लंबा और अनिश्चित हो सकता है।
रणनीति को लेकर मतभेद
अमेरिकी सीनेट खुफिया समिति के वाइस चेयरमैन वॉर्नर ने कहा कि बातचीत विफल होने के बाद वॉशिंगटन में आगे की रणनीति को लेकर मतभेद बढ़ गए हैं। उन्होंने कहा कि युद्ध के कई हफ्तों बाद भी हालात सुरक्षित नहीं हुए हैं और स्पष्ट रणनीति की जरूरत है।
US-Iran talks: सैन्य योजना पर उठाए सवाल
वॉर्नर ने ईरान के समृद्ध यूरेनियम को सुरक्षित करने की योजना पर भी सवाल उठाए। उनके मुताबिक, इसके लिए करीब 10,000 सैनिकों की तैनाती और विशेष बलों की जरूरत पड़ेगी, जो एक बड़ा और जटिल ऑपरेशन होगा।
युद्ध की बढ़ती लागत पर चिंता
उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना सस्ते ईरानी ड्रोन को गिराने के लिए महंगे इंटरसेप्टर का इस्तेमाल कर रही है, जिससे युद्ध की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि खतरे पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं।
US-Iran talks: हॉर्मुज स्ट्रेट पर वैश्विक असर
हॉर्मुज स्ट्रेट को बंद करने के प्रस्ताव पर भी वॉर्नर ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ऐसा कदम वैश्विक तेल बाजार को प्रभावित कर सकता है और इसका असर लंबे समय तक दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
रिपब्लिकन नेताओं का अलग रुख
वहीं, रिपब्लिकन सीनेटर रॉन जॉनसन ने कहा कि अमेरिका को हर हाल में यह सुनिश्चित करना होगा कि ईरान परमाणु हथियार न बना सके, भले ही इसमें लंबा समय लगे। पूर्व सेंट्रल कमांड प्रमुख जोसेफ वोटेल ने कहा कि केवल सैन्य कार्रवाई से समाधान संभव नहीं है। अंतिम नतीजा कूटनीतिक और राजनीतिक प्रयासों पर निर्भर करेगा।
अमेरिका-ईरान तनाव अब और जटिल होता नजर आ रहा है। वार्ता विफल होने के बाद जहां सैन्य विकल्पों पर चर्चा तेज है, वहीं विशेषज्ञ कूटनीतिक समाधान की जरूरत पर जोर दे रहे हैं, ताकि वैश्विक स्तर पर इसके गंभीर असर को रोका जा सके।
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