Media Attacked in Noida Protest: नोएडा में मजदूरों के उग्र प्रदर्शन ने अब सिर्फ फैक्ट्रियों और सड़कों तक सीमित मामला नहीं छोड़ा, बल्कि हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि ग्राउंड पर कवरेज कर रहे पत्रकार भी भीड़ के निशाने पर आ गए। सेक्टर 1 के आसपास सामने आए वीडियो में देखा गया कि रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकारों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि एक महिला रिपोर्टर के साथ भी बदसलूकी और हाथापाई की खबर सामने आई, जिसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
रिपोर्टर्स के लिए मैदान बना खतरे का ज़ोन
नोएडा में हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि जो पत्रकार जनता तक सच्चाई पहुंचाने के लिए मौके पर मौजूद थे, वही खुद हिंसा का शिकार बन गए। कैमरा लेकर कवरेज कर रहे कई रिपोर्टर्स को भीड़ ने घेर लिया। वीडियो में अफरा-तफरी, गुस्सा और बेकाबू भीड़ साफ दिखाई दे रही है। ऐसे माहौल में मीडिया कर्मियों के लिए ग्राउंड रिपोर्टिंग करना बेहद जोखिम भरा हो गया है।
नोएडा में ग्राउंड पर रिपोर्ट कर रहे रिपोर्टर्स अपना ध्यान रखें 👇🏼
ये वीडियो Sector 1 के आसपास का है।
लोग गुस्से में हैं तो तालमेल के साथ ही बातचीत करें। pic.twitter.com/1C1GTMkh9b
— Govind Pratap Singh | GPS (@govindprataps12) April 13, 2026
Media Attacked in Noida Protest: बच्चों से भरी बस भी फंसी, रोने लगे मासूम
सेक्टर 84 स्थित मदरसन कंपनी से शुरू हुआ विरोध अब जिले के कई औद्योगिक इलाकों तक फैल चुका है। मजदूर वेतन बढ़ोतरी, PF, ESI और अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन कई जगह यह प्रदर्शन उग्र रूप ले चुका है। पथराव, आगजनी, वाहनों में तोड़फोड़ और पुलिस गाड़ियों पर हमले जैसी घटनाएं सामने आई हैं। सड़कों पर जाम और दहशत का माहौल बना हुआ है।हिंसा के बीच एक स्कूल बस भी जाम और हंगामे में फंस गई, जिसमें बच्चे सवार थे। अचानक बस रुकने और चारों तरफ तनावपूर्ण माहौल देखकर बच्चे घबरा गए और रोने लगे। बाद में स्थानीय लोगों ने मदद कर बच्चों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया।
Media Attacked in Noida Protest: हाई लेवल टीम मैदान में, सरकार सख्त
स्थिति को संभालने के लिए सरकार ने हाई लेवल कमेटी गठित कर दी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर टीम नोएडा पहुंच चुकी है और श्रमिकों, प्रशासन व उद्योग प्रतिनिधियों से बातचीत शुरू कर दी गई है। सरकार ने साफ कहा है कि समस्याओं का समाधान बातचीत से होगा, लेकिन अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
रिपोर्टर्स से अपील
ऐसे तनावपूर्ण माहौल में ग्राउंड पर मौजूद सभी पत्रकारों और रिपोर्टर्स को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। भीड़ के मूड को समझते हुए तालमेल के साथ रिपोर्टिंग करें, क्योंकि इस वक्त हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।
नोएडा में सवाल बड़ा है…क्या मजदूरों की मांगें सुनी जाएंगी या गुस्सा और भड़केगा? क्या पत्रकारों पर हमला करने वालों पर कार्रवाई होगी? फिलहाल नोएडा की सड़कों पर तनाव है… और पूरा देश इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।
ये भी पढ़े: नोएडा में मजदूरों का उग्र प्रदर्शन, 10 गाड़ियों में आग, पुलिस पर पथराव से मचा हड़कंप








