Iran US Tension: मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने अमेरिका को साफ चेतावनी दी है कि अगर उसके बंदरगाहों को निशाना बनाया गया, तो फारस की खाड़ी और ओमान सागर में कोई भी पोर्ट सुरक्षित नहीं रहेगा। ईरान की सेना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कहा कि समुद्री सुरक्षा सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है और यदि यह संतुलन बिगड़ा, तो पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ेगी।
अमेरिका की नाकाबंदी की तैयारी
इस बीच यूएस सेंट्रल कमांड ने घोषणा की है कि अमेरिका ईरान के बंदरगाहों और तटीय इलाकों पर नाकाबंदी लागू करने की तैयारी कर रहा है। इस नाकाबंदी के तहत ईरान आने-जाने वाले जहाजों की सख्त निगरानी की जाएगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें रोका भी जा सकता है। हालांकि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले अन्य देशों के जहाजों को फिलहाल छूट दी जाएगी।
Iran US Tension: पिछले 24 घंटे के बड़े घटनाक्रम
- डोनाल्ड ट्रम्प ने चीन को चेतावनी दी कि ईरान की मदद करने पर भारी टैरिफ लगाया जाएगा
- होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी नौसेना की संभावित नाकाबंदी की घोषणा
- अल अक्सा मस्जिद दौरे पर इजराइली मंत्री के खिलाफ जॉर्डन का विरोध
- ईरान ने होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से टोल की मांग की
- जासूसी के आरोप में ईरान में 50 लोगों की गिरफ्तारी
Iran US Tension: लेबनान में जंग तेज
हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उसने इजराइल के कई सैन्य ठिकानों और बस्तियों पर हमले किए हैं। इसके जवाब में इजराइली सेना ने दक्षिण लेबनान में ग्राउंड ऑपरेशन शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कहा है कि लेबनान में कोई सीजफायर लागू नहीं है और ऑपरेशन जारी रहेगा।
ईरान-सऊदी बातचीत, शांति की कोशिश
तनाव के बीच सऊदी अरब और ईरान के विदेश मंत्रियों ने फोन पर बातचीत कर क्षेत्र में स्थिरता और शांति की जरूरत पर जोर दिया है।
पोप का शांति संदेश
पोप लियो ने युद्ध के खिलाफ आवाज उठाते हुए कहा कि निर्दोष लोगों की मौत चिंताजनक है और दुनिया को शांति और संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए।
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