Noida Police: श्रमिकों के हालिया उग्र प्रदर्शन के बाद नोएडा पुलिस ने अब कड़ा रुख अपनाते हुए भ्रामक और भड़काऊ सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने अब तक विभिन्न मामलों में कुल छह लोगों के खिलाफ तीन अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की हैं। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर फैलाए गए झूठे संदेशों ने कानून-व्यवस्था की स्थिति को प्रभावित किया और शहर में तनाव का माहौल पैदा किया।
भ्रामक वीडियो साझा करने का आरोप
पुलिस के अनुसार, राष्ट्रीय जनता दल से जुड़ी प्रवक्ता प्रियंका भारती और कंचना यादव के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि दोनों ने एक पुराना या असंबंधित वीडियो नोएडा का बताकर साझा किया, जिससे लोगों में भय और भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई। पुलिस का मानना है कि यह कृत्य सुनियोजित तरीके से किया गया, जिससे प्रशासन की छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके।
Noida Police: सख्त धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 353 (1) (बी) के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 और 66 डी के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां समाज में अशांति फैलाने का काम करती हैं और इन्हें किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
झूठे दावों से बढ़ा तनाव
एक अन्य मामले में थाना क्षेत्र-20 में अनुषी तिवारी और मीर इलयासी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोप है कि अनुषी तिवारी ने सोशल मीडिया पर यह दावा किया था कि पुलिस की गोलीबारी में 14 लोगों की मौत और 32 लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने इस दावे को पूरी तरह झूठा और भ्रामक बताया है। अधिकारियों के अनुसार, ऐसे दावों से शहर में तनाव बढ़ा और कुछ स्थानों पर आगजनी तथा तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आईं।
Noida Police: पुलिस की अपील और चेतावनी
नोएडा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट जानकारी को साझा करने से बचें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें। साथ ही चेतावनी दी गई है कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि कानून-व्यवस्था को बनाए रखा जा सके।
ये भी पढ़ें…यूपी में फिर गरजा ‘खनन माफिया’! योगी सरकार के सख्त आदेशों के बावजूद जालौन में धड़ल्ले से चल रहा अवैध खनन








