Parliament Session: केंद्र सरकार ने आज गुरुवार को लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पेश किया। जिसके लिए विशेष रूप से संसद का विशेष सत्र बुलाया गया। कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इस विधेयक को सदन में प्रस्तुत करते हुए बहस की शुरुआत की। उन्होंने संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया, साथ ही डीलिमिटेशन विधेयक, 2026 भी सदन में रखा। इन विधेयकों के माध्यम से लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को एक-तिहाई (33%) आरक्षण देने का प्रावधान किया जा रहा है। मेघवाल ने सदन में जानकारी देते हुए कहा कि नए प्रस्ताव के तहत देश में कुल लोकसभा सीटों की संख्या बढ़कर 815 तक पहुंच जाएगी, जिसमें 272 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित रखने का प्रावधान किया गया है। मेघवाल ने इसे महिला सशक्तिकरण और लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।

महिलाओं ने निकाली धन्यवाद रैली
इस बीच पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावी माहौल के बीच इस मुद्दे का असर जमीनी स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। जहां दार्जिलिंग में महिला आरक्षण और सरकार की इस पहल के समर्थन में महिलाओं ने बड़ी संख्या में धन्यवाद रैली निकाली। यह यात्रा दार्जिलिंग टॉय ट्रेन स्टेशन से शुरू होकर मॉल रोड तक निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं।

Parliament Session: महिलाओं की भूमिका को मिलेगी नई पहचान
रैली में शामिल महिलाओं की भारी भीड़ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया और इस कदम को “नारी शक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण” की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। पूरे मार्ग में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सरकार की इस पहल का समर्थन किया। रैली में मौजूद महिलाओं ने कहा कि संसद में महिलाओं के लिए आरक्षण और बढ़ती भागीदारी से आने वाले समय में उनकी आवाज और मजबूत होगी। कई प्रतिभागियों ने इसे ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए कहा कि इससे समाज में महिलाओं की भूमिका को नई पहचान मिलेगी और उन्हें नेतृत्व के अधिक अवसर प्राप्त होंगे।

भीड़ में शामिल महिलाओं ने प्रधानमंत्री के समर्थन में नारे लगाए और इस पहल को लंबे समय से प्रतीक्षित बदलाव बताया। फिलहाल, स्थानीय स्तर पर इस रैली को महिला सशक्तिकरण के समर्थन में एक बड़े प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।
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