UP News: उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले के कायमगंज थाना क्षेत्र से पुलिस पर गंभीर आरोपों का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने दो उपनिरीक्षकों सहित 16 पुलिसकर्मियों पर देर रात घर में जबरन घुसकर लूटपाट करने, परिजनों के साथ मारपीट करने, अवैध रूप से हिरासत में रखने और बाद में फर्जी मुकदमे में फंसाने का आरोप लगाया है। स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने के बाद पीड़िता ने न्यायालय की शरण ली, जिसके बाद अदालत के आदेश पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
क्या था मामला?
मामला मऊ रशीदाबाद कलाखेल गांव का है, जहां की निवासी सायदा बेगम, पत्नी मुख्तार खान, ने विशेष न्यायाधीश की अदालत में बीएनएसएस की धारा 175 (3) के तहत प्रार्थनापत्र दाखिल किया। अपने आवेदन में उन्होंने आरोप लगाया कि 26 जनवरी 2026 की रात करीब दो बजे पुलिस टीम बिना किसी वारंट के उनके घर में घुस आई। पीड़िता के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने घर में घुसते ही तलाशी के नाम पर उत्पात मचाना शुरू कर दिया। आरोप है कि इस दौरान अलमारी में रखे सोने-चांदी के आभूषण और करीब 90 हजार रुपये नकद निकाल लिए गए। लूटे गए सामान में सोने का झूमर, हार, अंगूठियां, चांदी के कंगन और पायल शामिल बताए गए हैं। महिला का दावा है कि घटना के समय आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए थे और कुछ लोगों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी बना लिया, जो अब अहम सबूत हो सकता है।
सायदा बेगम ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने और उनके परिजनों ने इस कार्रवाई का विरोध किया, तो पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की। इसके बाद मुख्तार खान, असद खान, सुभान और तारिक को जबरन अपने साथ ले जाया गया। पीड़िता के मुताबिक, कक्षा 11 में पढ़ने वाले सुभान को कुछ समय बाद छोड़ दिया गया, लेकिन अन्य तीन लोगों को कथित तौर पर दो दिनों तक अवैध हिरासत में रखा गया। आरोपों के मुताबिक, 28 जनवरी को पुलिस ने इन तीनों की गिरफ्तारी एक पुराने खंडहर से दिखाते हुए उन पर आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर दिया। पीड़िता का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई पहले से सुनियोजित थी और पुलिस ने अपने कृत्य को छिपाने के लिए फर्जी कहानी गढ़ी।
UP News: पुलिस ने मामले में क्या कहा?
महिला ने बताया कि घटना के बाद उन्होंने संबंधित थाने और उच्च अधिकारियों को रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से शिकायत भेजी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। न्याय न मिलने पर उन्होंने अंततः अदालत का दरवाजा खटखटाया और निष्पक्ष जांच की मांग की। अदालत के हस्तक्षेप के बाद उपनिरीक्षक सोमवीर, जितेंद्र कुमार, हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र तिवारी, विजय गुर्जर, सचिन कुमार, जितेंद्र सिंह, विकास बाबू, पवन चाहर सहित कुल 16 पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। सभी के खिलाफ लूट, मारपीट, अवैध हिरासत और अन्य गंभीर धाराओं में जांच की जा रही है। वहीं पुलिस विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि न्यायालय के आदेश के अनुपालन में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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