US – Iran War Crisis: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ किया है कि युद्धविराम लागू होने के बाद भी इजरायली सेना दक्षिणी लेबनान में 10 किलोमीटर का सुरक्षा क्षेत्र बनाए रखेगी। उनका कहना है कि यह कदम उत्तरी इजरायल को हमलों से सुरक्षित रखने के लिए जरूरी है।
ट्रंप की मध्यस्थता में सीजफायर
यह बयान ऐसे समय आया है जब डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिन के युद्धविराम की घोषणा की है। यह समझौता लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन और नेतन्याहू के बीच बातचीत के बाद हुआ।
US – Iran War Crisis: हिजबुल्लाह की मांग खारिज
नेतन्याहू ने हिजबुल्लाह की उस मांग को ठुकरा दिया, जिसमें इजरायली सेना को अंतरराष्ट्रीय सीमा तक पीछे हटने को कहा गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि सेना सुरक्षा जोन में ही तैनात रहेगी।
शांति समझौते की संभावना
इजरायली प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा हालात एक ऐतिहासिक शांति समझौते का अवसर भी दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि अमेरिका दोनों देशों के बीच आगे बातचीत कराने की कोशिश कर रहा है। नेतन्याहू ने शांति वार्ता के लिए दो प्रमुख शर्तें रखीं— हिजबुल्लाह पूरी तरह हथियार डाले, स्थायी शांति समझौते पर सहमति बने.
US – Iran War Crisis: क्या है पूरा मामला?
ईरान के मुद्दे पर नेतन्याहू ने दावा किया कि अमेरिका ईरान पर समुद्री नाकेबंदी जारी रखेगा और उसकी परमाणु क्षमता को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।दरअसल, लेबनान में सक्रिय हिजबुल्लाह और इजरायल के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है। हालिया संघर्ष के बाद यह युद्धविराम तनाव कम करने की कोशिश है, लेकिन इजरायल का सुरक्षा जोन बनाए रखना यह दिखाता है कि हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं।
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