Sonipat Salary Scam: हरियाणा के सोनीपत जिले के गन्नौर खंड में एक चौंकाने वाला वेतन घोटाला सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ है कि कुछ कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद भी वेतन दिया जाता रहा। मामले में पांच अधिकारियों और कर्मचारियों को दोषी मानते हुए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश जारी किए गए हैं।
Sonipat Salary Scam: 22 महीने बाद भी लेते रहे वेतन-
गांव शेखपुरा के जलकर्मी रोहतास को निर्धारित सेवानिवृत्ति आयु पूरी होने के बावजूद 22 महीने तक वेतन मिलता रहा। शिकायत के बाद जिला परिषद के सीईओ की जांच में मामला सही पाया गया। इसके बाद रोहतास से 2.91 लाख रुपये की रिकवरी कराई गई।
Sonipat Salary Scam: 75 साल की उम्र, रिकॉर्ड में दिखाया 62 वर्ष-
गांव कैलाना के जलकर्मी श्रवण की वास्तविक आयु 75 वर्ष बताई गई है, जबकि सरकारी रिकॉर्ड और आधार कार्ड में उनकी उम्र 62 वर्ष दर्ज है। आरोप है कि दस्तावेजों में हेरफेर कर उन्हें अब तक विभाग में कार्यरत दिखाया गया और वेतन जारी रखा गया।
शिकायत के बाद खुला मामला-
2 सितंबर 2025 को अधिकारियों को दी गई शिकायत में पंचायती राज विभाग में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया गया था। शिकायतकर्ता ने दावा किया था कि रिटायर हो चुके कर्मचारियों को भी वेतन दिया जा रहा है, जिससे विभाग को वित्तीय नुकसान हो रहा है।
रिकवरी के पैसे अधिकारियों ने जमा कराए-
सूत्रों के अनुसार, रोहतास आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण रिकवरी की राशि जमा कराने में असमर्थ थे। ऐसे में खुद को फंसता देख कुछ अधिकारियों ने अपनी जेब से रकम जमा कराई।
जांच में पांच अधिकारी पाए गए दोषी-
जिला परिषद के सीईओ की रिपोर्ट में तत्कालीन बीडीपीओ पूनम चंदा, वर्तमान बीडीपीओ राजेश टिवाणा, सहायक जयपन, लेखा लिपिक सुनील कुमार और जितेश कुमार को वेतन जारी करने में लापरवाही का दोषी पाया गया।
Written by- ADARSH KATHANE
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