Politics: मंडी से बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने एक बार फिर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है। इस बार उन्होंने संसद में महिला आरक्षण बिल पर राहुल गांधी के दिए गए भाषण की कड़ी आलोचना की। कंगना ने उनके बयान को गैर-गंभीर और मुद्दे से भटकाने वाला बताते हुए कहा कि ऐसे महत्वपूर्ण विषय पर अधिक संवेदनशील और ठोस विचारों की जरूरत है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी का दृष्टिकोण महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति स्पष्ट नहीं है, और इस तरह के बयानों से जनता के बीच गलत संदेश जाता है। लोकसभा में संसद के विषय सत्र के दूसरे ही दिन हंगामा जारी रहा । महिला आरक्षण पर कांग्रेस सांसद और कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने दिया भाषण जिसपे उन्होंने तीखा रुख अपनाते हुए इस बिल को दलित वर्गों, महिलाओं और ओबीसी के अधिकारो के खिलाफ बताया . इस भाषण को सुन कर बीजेपी की सांसद कंगना रौनत ने जवाब दिया हैं , उन्होंने राहुल पर निशाना साधा हैं।
Politics: कंगना रौनत ने राहुल गांधी को दिया जवाब
कंगना रौनत ने मीडिया से बातचित में राहुल गांधी पर तीखा हमला साधा। उन्होंने कहा कि ” राहुल गांधी को सुनना उनके लिए बेहद मुश्किल और सरदर्द जैसा है” । कंगना का यह भी कहना हैं कि राहुल गांधी अपने बचपन के अनुभव और निजी बातो को संसद में उठाते है, जो पूरी तरह से बेतुका और विषय से भटकी हुई लगती है। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी ने एक मैजिक शो का जिक्र किया और कुछ ऐसी बातें बताई जिनका मुद्दे से कोई लेना -देना नहीं है। कंगना का कहना है कि संसाद में गंभीर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन इस तरह की बातों से माहौल हल्का हो जाता हैं। कंगना ने कहा कि अध्यक्ष द्वारा टोके जाने के बावजूद राहुल गांधी अपने बयान पर आड़े रहे और इस हल्के अंदाज में लेते रहे नज़र आ रहे थे । कंगना ने इस पर अफ़सोस जताते हुए कहा कि इससे संसद की गरिमा पर असर पड़ता है और उन्हें इस यार खेद है।
महिला सशक्तिकरण बिल पर राहुल ने क्या कहा?
Politics: राहुल ने कहा कि इस बिल को पारित नहीं होने देंगे । कांग्रेस सांसद ने कहा – ये बिल महिला आरक्षण बिल नहीं है, क्योंकि महिला आरक्षण बिल तो 2023 में ही पारित हो चुका है, उन्होंने कहा कि इस बिल का लाना एक साज़िश है, इस तरह यह चुनावी नक्शों को बदलने की कोशिश है। इस बिल से एससी (ssc) एसटी (st) और ओबीसी (OBC) समुदाय के खिलाफ है और उनके अधिकार छीनने का एजेंडा लेकर आया है। वो काम करार रही है सरकार जो असम और जम्मू कश्मीर में किया । वहीं अब पूरे देश में करना चहती हैं। राहुल गांधी का कहना है कि यह नया विधेयक महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़ा हुआ नहीं है। उनके अनुसार, सरकार इस बिल के माध्यम से अपनी सत्ता को मजबूत करना चाहती है। उन्होंने इस बिल को देश के हित के खिलाफ बताया और कहा कि वे किसी भी हालत में सरकार को ऐसा करने नहीं देंगे। राहुल गांधी ने इस कानून को गलत और शर्मनाक बताया। उनका कहना है कि इस बिल से ओबीसी वर्ग के लोगों के अधिकारों को नुकसान पहुंचेगा और उनके हक छीने जा सकते हैं। उन्होंने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि अगर सरकार सच में लोगों के हित में काम करना चाहती है, तो उसे पुराना कानून वापस लाना चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि अगर पुराना कानून लाया जाता है, तो वे उसका समर्थन करेंगे। लेकिन इस नए बिल को वे बिल्कुल भी समर्थन नहीं देंगे।
Written by: Rishika Srivastav
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