Delimitation Bill: भारत ने परिसीमन प्रक्रिया को लेकर पाकिस्तान की ओर से की गई टिप्पणियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए उसे सिरे से खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत के आंतरिक मामलों में किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है, जब परिसीमन और आरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयकों पर संसद में चर्चा जारी है।
विदेश मंत्रालय का स्पष्ट रुख
नई दिल्ली में आयोजित साप्ताहिक प्रेस वार्ता के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने पाकिस्तान के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारत के आंतरिक मामले पूरी तरह से संप्रभु हैं और इनमें किसी भी प्रकार की बाहरी टिप्पणी या हस्तक्षेप स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर में परिसीमन प्रक्रिया को लेकर पाकिस्तान की आपत्तियों को खारिज करते हुए इसे अनुचित बताया।
Delimitation Bill: पाकिस्तान की टिप्पणी और भारत की प्रतिक्रिया
पाकिस्तान ने उन रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया दी थी, जिनमें दावा किया गया कि भारत का परिसीमन विधेयक 2026 पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में निर्वाचन क्षेत्रों के निर्धारण के लिए कानूनी ढांचा तैयार करता है। इस पर भारत ने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह से उसका आंतरिक विषय है और किसी अन्य देश को इसमें दखल देने का अधिकार नहीं है। भारत ने इस तरह की टिप्पणियों को बेबुनियाद और अनावश्यक बताया।
संसद में विधेयकों पर जारी चर्चा
इस बीच लोकसभा में परिसीमन से जुड़े विधेयकों पर चर्चा तेज हो गई है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने जानकारी दी कि इन विधेयकों पर विस्तृत बहस के बाद मतदान कराया जाएगा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर देने की बात कही। संविधान संशोधन विधेयक 2026 सहित अन्य संबंधित विधेयकों को सदन में पेश किया गया है, जो परिसीमन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और महिलाओं को आरक्षण देने के उद्देश्य से लाए गए हैं।
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