CJI Surya Kant: सूर्यकांत ने मदुरै में आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जहां जिला अदालत के नए भवन और गेस्ट हाउस का उद्घाटन किया गया। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के कई वरिष्ठ जज मौजूद रहे।
17-18 घंटे काम, रात 3 बजे सोना
सुप्रीम कोर्ट के जज एमएम सुंदरेश ने CJI की कार्यशैली का जिक्र करते हुए बताया कि वे रोजाना 17 से 18 घंटे काम करते हैं। उन्होंने कहा कि CJI रात करीब 3 बजे सोते हैं और सुबह 7 बजे उठ जाते हैं, जो उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण को दिखाता है।
CJI Surya Kant: निचली अदालतों की अहम भूमिका पर जोर
अपने संबोधन में CJI सूर्यकांत ने कहा कि न्याय व्यवस्था में जिला अदालतों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उनके मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट कानून को दिशा देते हैं, लेकिन आम लोगों के लिए असली न्याय जिला अदालतों से ही मिलता है।
‘न्याय तक पहुंच जरूरी’
CJI ने कहा कि अदालतों तक भौतिक पहुंच बेहद जरूरी है। अगर कोई अदालत नागरिक की पहुंच से दूर है, तो यह न्याय से वंचित करने जैसा है। उन्होंने बेहतर कोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को न्याय की गुणवत्ता से भी जोड़ा।
CJI Surya Kant: न्याय व्यवस्था पर अन्य जजों की राय
सुप्रीम कोर्ट के जज जे.के. माहेश्वरी ने कहा कि न्याय कोई विशेषाधिकार नहीं, बल्कि नागरिकों का अधिकार है और इसे निष्पक्षता के साथ देना न्यायपालिका का कर्तव्य है।
नए कोर्ट परिसर और गेस्ट हाउस का निर्माण
मद्रास हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एस.ए. धर्माधिकारी ने बताया कि मदुरै में 166 करोड़ रुपये की लागत से नया कोर्ट परिसर बनाया गया है, जिसमें 18 कोर्ट हॉल हैं। इसके अलावा 17.6 करोड़ रुपये की लागत से जजों के लिए गेस्ट हाउस भी तैयार किया गया है।
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