Yogi In Bengal: पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों को लेकर सियासी माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को पिंगला विधानसभा क्षेत्र में एक बड़ी चुनावी जनसभा को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखे हमले किए, जबकि भाजपा की डबल इंजन सरकार के मॉडल को विकास का आधार बताया।
डबल इंजन सरकार पर जोर
सीएम योगी ने अपने भाषण में उत्तर प्रदेश के विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि बड़ी आबादी वाले राज्य में भी सरकार ने बिना किसी भेदभाव के योजनाओं को लागू किया है। उन्होंने कहा कि गरीबों, अनुसूचित जाति, जनजातीय समुदाय और वंचित वर्गों को आवास, राशन, पेंशन, स्वास्थ्य बीमा और अन्य सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने दावा किया कि डबल इंजन सरकार के चलते योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंच रहा है और इसमें जाति, धर्म या क्षेत्र के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जा रहा।
ममता दीदी- 15 साल बहुत हुए,
अब खेला बंद होगा और विकास शुरू होगा… pic.twitter.com/shF09vz02d
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) April 20, 2026
योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि राज्य में अपराध, तस्करी और माफिया गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं दिखता। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक कारणों से सख्त कार्रवाई नहीं हो पा रही है। सीएम योगी ने सीमावर्ती इलाकों का जिक्र करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी गंभीरता की आवश्यकता है। उन्होंने सीमा पर फेंसिंग और अवैध गतिविधियों को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए।
Yogi In Bengal: जनजातीय और दलित मुद्दों का जिक्र
अपने भाषण में उन्होंने वर्ष 2022 की घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि जनजातीय और अनुसूचित जाति के लोगों की सुरक्षा और अधिकारों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन वर्गों के साथ अन्याय की घटनाएं सामने आई हैं, जिन्हें गंभीरता से लिया जाना चाहिए। चुनावी माहौल के बीच योगी आदित्यनाथ ने TMC के लोकप्रिय नारे खेला होबे पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि 15 साल बहुत हो चुके हैं और अब राज्य में विकास को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उन्होंने अपने अंदाज में कहा कि अब खेला समाप्त और विकास शुरू होना चाहिए, जिससे स्पष्ट है कि भाजपा इस चुनाव में विकास और शासन के मुद्दों को केंद्र में रखकर प्रचार कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, पश्चिम बंगाल भाजपा के लिए एक अहम राज्य बना हुआ है, जहां पार्टी लगातार अपने जनाधार को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। ऐसे में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं की रैलियां और आक्रामक प्रचार अभियान चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। वहीं, तृणमूल कांग्रेस (TMC) भी अपने विकास कार्यों और क्षेत्रीय पहचान के मुद्दे को लेकर जनता के बीच सक्रिय है, जिससे मुकाबला और भी दिलचस्प होता जा रहा है।
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