Bengal Election: त्रिपुरा की राजनीति में एक अहम फैसला सामने आया है, जहां टिपरा मोथा पार्टी ने त्रिपुरा ट्राइबल एरियाज ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल के नए गठन की प्रक्रिया को फिलहाल टालने का निर्णय लिया है। पार्टी ने साफ किया है कि परिषद के गठन से जुड़ी आगे की कार्रवाई अब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद ही की जाएगी। इस फैसले को राजनीतिक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि क्षेत्रीय समीकरणों पर इसका असर पड़ सकता है।
बंगाल चुनाव परिणाम के बाद ही आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार, परिषद के चेयरमैन और मुख्य कार्यकारी सदस्य के चुनाव समेत पूरी गठन प्रक्रिया को फिलहाल स्थगित रखा गया है। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल में जारी चुनाव और उसके परिणामों का आकलन करने के बाद ही अगला कदम उठाया जाएगा। गौरतलब है कि बंगाल में पहले चरण का मतदान हो चुका है और शेष सीटों पर मतदान जल्द होना है, जिसके बाद नतीजे घोषित किए जाएंगे।
Bengal Election: शपथ ग्रहण कार्यक्रम तय, लेकिन गठन रुका
त्रिपुरा सरकार के जनजातीय कल्याण विभाग ने अधिसूचना जारी कर बताया है कि 27 अप्रैल को नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाई जाएगी। आमतौर पर शपथ के बाद परिषद के पदाधिकारियों का चुनाव किया जाता है, लेकिन इस बार पार्टी ने गठन प्रक्रिया को रोककर अलग रणनीति अपनाई है। इससे साफ है कि राजनीतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
चुनाव परिणाम में पार्टी की मजबूत स्थिति
हाल ही में हुए परिषद चुनाव में टिपरा मोथा पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 28 में से 24 सीटों पर जीत दर्ज की है। इस जीत के साथ पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिला है और उसकी राजनीतिक स्थिति और मजबूत हुई है। परिषद में कुल 30 सदस्य होते हैं, जिनमें 28 निर्वाचित और 2 नामित सदस्य शामिल होते हैं। यह परिषद राज्य के बड़े हिस्से का प्रशासन संभालती है, जिससे इसका महत्व और बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जनजातीय आबादी त्रिपुरा की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे में परिषद के गठन को टालने का फैसला आने वाले समय में राज्य की सियासत पर असर डाल सकता है। अब सभी की नजरें पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों पर टिकी हैं, जिसके बाद आगे की राजनीतिक रणनीति स्पष्ट होगी।








