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राजनाथ सिंह और चीनी रक्षा मंत्री आमने-सामने, क्या निकला इस हाई-वोल्टेज मीटिंग का असली नतीजा?

RAJNATH SINGH: राजनाथ सिंह और डोंग जुन के बीच किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय मुलाकात हुई। यह बैठक शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के रक्षा मंत्रियों की बैठक के इतर आयोजित की गई, जिसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।

क्षेत्रीय सुरक्षा और सहयोग पर चर्चा

दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों ने एशिया की मौजूदा सुरक्षा स्थिति, क्षेत्रीय स्थिरता और आपसी सहयोग बढ़ाने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान सीमा क्षेत्रों में बेहतर समन्वय और तनाव कम करने के लिए प्रभावी संचार तंत्र को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।

RAJNATH SINGH: संवाद बढ़ाने पर सहमति

बैठक में भारत और चीन के बीच संवाद को और मजबूत करने की आवश्यकता पर सहमति बनी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुलाकात के बाद इसे सकारात्मक और रचनात्मक बातचीत बताया। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की वार्ताएं दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

एससीओ बैठक में भागीदारी

राजनाथ सिंह बिश्केक में आयोजित एससीओ रक्षा मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे हैं। इस मंच पर आतंकवाद के खिलाफ सहयोग, क्षेत्रीय शांति और सदस्य देशों के बीच रक्षा संबंधों को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही है। अपने दौरे के दौरान वह अन्य सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के साथ भी द्विपक्षीय बैठकें करेंगे और भारतीय समुदाय से भी मुलाकात करेंगे।

RAJNATH SINGH: तनावपूर्ण पृष्ठभूमि में अहम मुलाकात

गौरतलब है कि वर्ष 2020 में पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर हुई हिंसक झड़प के बाद भारत-चीन संबंधों में तनाव बढ़ गया था। हालांकि, बीते कुछ वर्षों में दोनों देश रिश्तों को सामान्य बनाने के प्रयास कर रहे हैं।

शांति और स्थिरता की उम्मीद

विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की उच्चस्तरीय बैठकों से न केवल क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को बढ़ावा मिलता है, बल्कि भारत और चीन जैसे बड़े देशों के बीच भरोसा कायम करने में भी मदद मिलती है। आने वाले समय में इस वार्ता के ठोस परिणाम सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।

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