Home » राष्ट्रीय » West Bengal: बंगाल एग्जिट पोल में सस्पेंस, एक्सिस ने सर्वे रोका

West Bengal: बंगाल एग्जिट पोल में सस्पेंस, एक्सिस ने सर्वे रोका

West Bengal

West Bengal: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण के मतदान के बाद एग्जिट पोल्स ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। अलग-अलग सर्वे एजेंसियों के अनुमान एक-दूसरे से बिल्कुल अलग नजर आ रहे हैं। कुछ सर्वे भारतीय जनता पार्टी को स्पष्ट बहुमत देते दिख रहे हैं, तो कुछ ममता बनर्जी की पार्टी को सत्ता में वापसी का अनुमान जता रहे हैं। इस बीच सबसे चर्चित सर्वे एजेंसियों में शामिल एक्सिस माय इंडिया ने अपना एग्जिट पोल जारी करने से ही इनकार कर दिया है, जिससे सस्पेंस और बढ़ गया है।

डर के कारण नहीं बोले मतदाता

एक्सिस माय इंडिया के संस्थापक प्रदीप गुप्ता ने बताया कि इस बार सर्वे के दौरान उन्हें अभूतपूर्व स्थिति का सामना करना पड़ा। उनकी टीम जब मतदाताओं से आमने-सामने बातचीत करने पहुंची, तो लगभग साठ से सत्तर प्रतिशत लोगों ने कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। कई लोग बिना कुछ कहे वहां से चले गए या चुप्पी साधे रहे। एजेंसी का मानना है कि इस तरह के माहौल में सटीक आंकड़े जुटाना संभव नहीं था, इसलिए उन्होंने एग्जिट पोल जारी न करने का फैसला लिया।

West Bengal: अन्य सर्वे एजेंसियों के अलग-अलग अनुमान

दूसरी सर्वे एजेंसियों के आंकड़े काफी भिन्न हैं। कुछ सर्वे भारतीय जनता पार्टी को एक सौ साठ से दो सौ सीटों के बीच बढ़त देते दिखा रहे हैं, जिससे उसके बहुमत में आने की संभावना जताई जा रही है। वहीं कुछ अन्य सर्वे तृणमूल कांग्रेस को एक सौ सत्तर से दो सौ के करीब सीटें देते हुए उसकी सत्ता बरकरार रहने का अनुमान लगा रहे हैं। इन सर्वे में तृणमूल कांग्रेस की संगठनात्मक ताकत और कल्याणकारी योजनाओं को उसकी मजबूती का कारण बताया गया है।

विपक्षी गठबंधन की कमजोर स्थिति

ज्यादातर एग्जिट पोल में वामपंथी दलों और कांग्रेस के गठबंधन को बहुत कम सीटें मिलती दिखाई दे रही हैं। कई सर्वे में उन्हें एकल अंक तक सीमित बताया गया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि तीसरे मोर्चे के रूप में उनका प्रभाव काफी कमजोर पड़ गया है।

West Bengal: बहुमत का आंकड़ा और असली फैसला

पश्चिम बंगाल विधानसभा की कुल दो सौ चौरानवे सीटों में बहुमत के लिए एक सौ अड़तालीस सीटों की आवश्यकता होती है। एग्जिट पोल्स के विरोधाभासी अनुमानों के बीच अब सभी की नजर मतगणना पर टिकी है। चार मई को आने वाले वास्तविक नतीजे ही यह तय करेंगे कि राज्य में सत्ता किसके हाथ में जाएगी। फिलहाल एग्जिट पोल ने सियासी सरगर्मी को चरम पर पहुंचा दिया है।

ये भी पढ़ें…गरीब रिक्शा चालक के सिर पर पत्थर मारकर की हत्या, 27 साल बाद पकड़ा गया

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments