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जनगणना 2027 का बड़ा प्लान: यूपी के हर घर तक पहुंचेगी टीम, 33 सवालों से होगी जानकारी

Up population: प्रदेश में करीब 15 साल बाद फिर से जनगणना 2027 शुरू होने जा रही है। इस बार जनगणना पहले से अलग और खास होगी। अब डेटा डिजिटल तरीके से इकट्ठा किया जाएगा और खास बात यह है कि इस बार लोगों को सिर्फ गिना ही नहीं जाएगा, बल्कि वे खुद भी अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। पहली बार 7 मई से 21 मई तक लोगों को स्वगणना के लिए 15 दिन का समय दिया गया है, जिसमें नागरिक मोबाइल या लैपटॉप के जरिए पोर्टल पर जाकर सभी सवालों के जवाब भर सकेंगे। इसके बाद 22 मई से गणनाकर्मी घर-घर पहुंचकर सत्यापन और मकान सूचीकरण का काम करेंगे।

दो चरणों में पूरी होगी प्रक्रिया

जनगणना की प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में गणनाकर्मी घर-घर जाकर मकानों की स्थिति (हाउस लिस्टिंग), परिवार को मिलने वाली सुविधाएं और उनकी संपत्ति से जुड़ी जानकारी मोबाइल ऐप के जरिए जुटाएंगे। इस दौरान किसी व्यक्ति की गिनती या जाति से जुड़ी जानकारी नहीं ली जाएगी। दूसरे चरण में, जो अगले साल फरवरी में प्रस्तावित है, लोगों की व्यक्तिगत जानकारी और जाति से जुड़ी गणना की जाएगी।

Up population: 2011 के बाद फिर शुरू हो रही जनगणना

गौर करने वाली बात है कि प्रदेश में पिछली जनगणना साल 2011 में हुई थी और अब लंबे अंतराल के बाद यह प्रक्रिया फिर से शुरू हो रही है। जनगणना कार्य निदेशालय उत्तर प्रदेश की निदेशक शीतल वर्मा के मुताबिक हर व्यक्ति की गिनती उसी जगह होगी, जहां वह रह रहा है। नियमानुसार, जिस व्यक्ति ने किसी स्थान पर कम से कम 180 दिन निवास किया है, उसकी गणना उसी स्थान पर होगी। इस कार्य के लिए प्रदेश में करीब 5.25 लाख अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।

Up population: रजिस्ट्रेशन और डेटा की गोपनीयता

सरकार ने लोगों से अपील की है कि सभी नागरिक सही और सटीक जानकारी दें, क्योंकि जनगणना से जुड़ा डेटा पूरी तरह गोपनीय रहता है और इसे किसी के साथ साझा नहीं किया जाता। साथ ही गलत जानकारी देने पर सजा का प्रावधान भी है। यदि कोई व्यक्ति स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करना चाहता है, तो वह http://se.census.gov.in पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकता है, जहां ओटीपी सत्यापन के बाद परिवार, मकान और सुविधाओं से जुड़ी पूरी जानकारी भरनी होगी। सबमिट करने के बाद 11 अंकों की स्वगणना पहचान संख्या जारी की जाएगी।

सत्यापन की प्रक्रिया क्या होगी

अगर किसी ने पहले से स्वगणना कर ली है, तो गणनाकर्मी के घर आने पर उसे अपनी पहचान संख्या दिखानी होगी, जिससे वे जानकारी का सत्यापन कर सकें। यदि जानकारी में कोई गलती पाई जाती है, तो उसे मौके पर ही ठीक कराया जा सकता है। सही पाए जाने पर केवल सत्यापन के बाद प्रक्रिया पूरी मानी जाएगी। इस पूरी व्यवस्था को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है।

गणनाकर्मियों की जिम्मेदारी

गणनाकर्मियों की जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है। एक गणनाकर्मी को लगभग 800 लोगों या 180–200 घरों की जानकारी जुटानी होगी और वे मोबाइल के जरिए एचएलओ ऐप में डेटा दर्ज करेंगे। ज्यादातर गणनाकर्मी शिक्षक होंगे और गर्मी को ध्यान में रखते हुए काम सुबह और शाम के समय किया जाएगा। प्रत्येक गणनाकर्मी को 25 हजार रुपये का मानदेय दिया जाएगा और हर छह गणनाकर्मियों पर एक पर्यवेक्षक नियुक्त किया जाएगा।

33 सवालों में पूरी होगी जानकारी

Up population: पहले चरण में कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे, जिनमें मकान की स्थिति, निर्माण सामग्री, उपयोग और हालत के साथ-साथ परिवार के सदस्यों की संख्या, मुखिया का नाम, लिंग और सामाजिक वर्ग जैसी जानकारी शामिल होगी। इसके अलावा पानी, बिजली, शौचालय, रसोई, गैस कनेक्शन, मोबाइल, इंटरनेट, टीवी, कंप्यूटर, वाहन और मुख्य अनाज जैसी सुविधाओं से जुड़ी जानकारी भी ली जाएगी। जनगणना में परिवार उसी समूह को माना जाएगा, जो एक साथ रहता है और एक ही रसोई में खाना बनाता है। अलग रसोई होने पर उन्हें अलग परिवार माना जाएगा, जबकि अलग प्रवेश द्वार वाले हिस्से को अलग मकान माना जाएगा। जनगणना के आंकड़े 1 मार्च 2027 की रात 12 बजे तक के आधार पर तैयार किए जाएंगे और इसके अंतिम आंकड़े मई 2027 में जारी किए जाएंगे।

 

Written by: Rishika Srivastva

 

 

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