Ganga Expressway: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बड़ा फैसला लेते हुए गंगा एक्सप्रेस-वे को शुरू होने की तिथि से १५ दिनों तक पूरी तरह टोल मुक्त रखने की घोषणा की है। इस निर्णय के तहत प्रदेश की जनता इस अत्याधुनिक और सबसे लंबे एक्सप्रेस-वे पर बिना किसी शुल्क के यात्रा कर सकेगी और इसकी सुविधाओं का अनुभव ले पाएगी।
टोल वसूली पर 15 दिनों की रोक
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने तुरंत कार्रवाई करते हुए परियोजना से जुड़ी निर्माण कंपनियों को 15 दिनों तक टोल वसूली रोकने के आदेश जारी कर दिए हैं। इस अवधि में किसी भी यात्री से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरदोई में इस एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया था।

Ganga Expressway: शुरू होते ही लागू हुआ फैसला
यह निर्णय उस समय लागू किया गया जब स्वतंत्र इंजीनियर ने अनुबंध के नियमों के अनुसार अस्थायी प्रमाणपत्र जारी किया। इसके साथ ही एक्सप्रेस-वे की संचालन तिथि तय हो गई और इसे आम लोगों के उपयोग के लिए पूरी तरह तैयार घोषित कर दिया गया।
लोगों को मिलेगा निःशुल्क यात्रा का अनुभव
सरकार का उद्देश्य है कि शुरुआत में अधिक से अधिक लोग इस एक्सप्रेस-वे का अनुभव कर सकें। 594 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर बिना टोल यात्रा करने से लोग इसकी तेज रफ्तार, बेहतर गुणवत्ता और आधुनिक सुविधाओं को नजदीक से समझ सकेंगे। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और लोगों का भरोसा मजबूत होगा।
सार्वजनिक-निजी साझेदारी पर बना प्रोजेक्ट
गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण सार्वजनिक और निजी भागीदारी मॉडल के तहत किया गया है। इस व्यवस्था के अनुसार निर्माण कंपनियों को 27 वर्षों तक टोल वसूली का अधिकार दिया गया है। हालांकि 15 दिनों की इस छूट से होने वाले नुकसान की भरपाई सरकार या संबंधित प्राधिकरण द्वारा तय नियमों के अनुसार की जाएगी।साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि इस अवधि में सड़क की गुणवत्ता, सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और अन्य सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।

विकास और कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा
मेरठ से प्रयागराज तक फैला यह एक्सप्रेस-वे 12 जिलों को जोड़ता है और इसे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 15 दिनों की यह टोल छूट आम लोगों को राहत देने के साथ-साथ इस बड़े प्रोजेक्ट के प्रति सकारात्मक माहौल भी बनाएगी। इसे सरकार की जनहित को प्राथमिकता देने वाली सोच के रूप में देखा जा रहा है।
एक्सप्रेस-वे की प्रमुख विशेषताएं
इस एक्सप्रेस-वे के मार्ग में शाहजहांपुर जिले के पास लगभग 3.2किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी बनाई गई है, जिसका उपयोग आपात स्थिति में वायुसेना के विमानों के उतरने के लिए किया जा सकता है। पूरे मार्ग पर उन्नत यातायात प्रबंधन प्रणाली, निगरानी कैमरे, आपातकालीन कॉल सुविधा, एम्बुलेंस और गश्त की व्यवस्था की गई है। यह मार्ग छह लेन का है, जिसे भविष्य में आठ लेन तक बढ़ाया जा सकता है।
यह एक्सप्रेस-वे लखनऊ, उन्नाव, हरदोई और शाहजहांपुर को सीधे दिल्ली और पूर्वांचल से जोड़ेगा। इसके माध्यम से लखनऊ से दिल्ली की यात्रा लगभग छह घंटे में पूरी की जा सकेगी। वर्ष 2021 में शिलान्यास के बाद इस परियोजना पर तेजी से काम हुआ औरमार्च 2026 तक लगभग 96 से 99 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका था।
कुल मिलाकर, यह निर्णय न केवल लोगों को बेहतर और सुलभ यात्रा का अनुभव देगा, बल्कि राज्य के विकास और आधारभूत ढांचे को भी नई गति प्रदान करेगा।
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