BENGAL ELECTION 2026: केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजों से पहले विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष लगातार संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाकर भारतीय लोकतंत्र की मूल संरचना को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है।
संस्थाओं को टारगेट करने का आरोप
किरण रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि विपक्षी पार्टियां पहले सरकारी एजेंसियों, ईवीएम, चुनाव आयोग और मीडिया पर सवाल उठाती रहीं और अब न्यायपालिका को भी निशाना बना रही हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रवृत्ति लोकतंत्र के लिए खतरनाक है और देश की जनता इसका करारा जवाब देगी।
केंद्रीय मंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की फाल्टा विधानसभा सीट पर बड़े पैमाने पर चुनावी गड़बड़ियों के आरोपों के बाद सभी मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराने का फैसला किया है. आयोग ने 29 अप्रैल को हुए दूसरे चरण के मतदान को निरस्त कर दिया है और अब यहां 21 मई को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक दोबारा वोटिंग कराई जाएगी.
BENGAL ELECTION 2026: आपातकाल का जिक्र कर कांग्रेस पर हमला
रिजिजू ने आपातकाल 1975 का हवाला देते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया कि उस दौर में क्या लोकतंत्र सही मायनों में काम कर रहा था। साथ ही 1973 में वरिष्ठता को नजरअंदाज कर मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति जैसे फैसलों का भी उल्लेख किया।
संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान संवैधानिक संस्थाओं का राजनीतिक इस्तेमाल हुआ। उन्होंने कहा कि आज नियुक्तियों की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और समिति आधारित हो गई है, जबकि पहले यह सीधे सरकार के नियंत्रण में होती थी।
BENGAL ELECTION 2026: संविधान में बदलाव पर सवाल
रिजिजू ने कांग्रेस पर संविधान की प्रस्तावना में बदलाव करने और संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के कुछ नेता ‘छद्म धर्मनिरपेक्षता’ की राजनीति कर रहे हैं और जनता अब इन बातों को समझ चुकी है।
जनता देगी जवाब
अपने बयान के अंत में रिजिजू ने कहा कि भारत की जनता जागरूक है और वह ऐसे प्रयासों का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले चुनावों में जनता विपक्ष को सबक सिखाएगी।
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