Delhi News: दिल्ली के भलस्वा डेयरी क्षेत्र के मुकुंदपुर इलाके में एक मासूम बच्ची की खुले नाले में गिरने से हुई दर्दनाक मौत ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने तत्काल सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने घटना को बेहद दुखद और चिंताजनक बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कदम उठाने की बात कही है।
लापरवाही पर इंजीनियर को हटाया गया
मुख्यमंत्री के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग ने संबंधित संविदा जूनियर इंजीनियर को सेवा से हटा दिया है। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में उठाया गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि ऐसी लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों को सीधे जवाबदेह ठहराया जाएगा।
Delhi News: खुले नालों और खतरनाक स्थलों की जांच के निर्देश
घटना के बाद मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में खुले नालों और अन्य खतरनाक स्थानों की पहचान करें। उन्होंने कहा कि ऐसे सभी स्थानों को तुरंत सुरक्षित किया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। सरकार ने यह भी साफ किया है कि नागरिकों, विशेषकर बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पीड़ित परिवार के साथ खड़ी सरकार
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन समय में सरकार पूरी तरह उनके साथ खड़ी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि परिवार को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकना ही मासूम बच्ची के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
Delhi News: विवेक विहार अग्निकांड पर भी जताई संवेदना
इससे पहले मुख्यमंत्री ने विवेक विहार में हुए भीषण अग्निकांड में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों से मुलाकात की थी। उन्होंने इस घटना को गंभीर चेतावनी बताते हुए सभी विभागों को अग्नि सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों में किसी भी तरह की लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दिल्ली में लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने शहरी बुनियादी ढांचे और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर पुनर्विचार की जरूरत को उजागर कर दिया है। सरकार की सख्ती के बावजूद अब देखना होगा कि जमीनी स्तर पर सुधार कितनी तेजी से लागू होते हैं।








