Lok Sevak Aawas: बिहार की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव सामने आया है। राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राजधानी पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास के नाम को बदलने का बड़ा निर्णय लिया है। अब तक ‘1 अणे मार्ग’ के नाम से पहचाना जाने वाला यह आवास आधिकारिक रूप से ‘लोक सेवक आवास’ कहलाएगा। इस फैसले को शासन व्यवस्था में प्रतीकात्मक परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री सचिवालय ने जारी किया आदेश
मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि आवास संख्या 1, अणे मार्ग, पटना को सभी सरकारी और आधिकारिक कार्यों के लिए तत्काल प्रभाव से ‘लोक सेवक आवास’ नाम से जाना जाएगा। यह निर्णय राज्य सरकार के उच्च स्तर पर विचार-विमर्श के बाद लिया गया है और इसे लागू भी कर दिया गया है।
Lok Sevak Aawas: ऐतिहासिक रहा है 1 अणे मार्ग
पटना स्थित 1 अणे मार्ग दशकों से बिहार के मुख्यमंत्री का आधिकारिक निवास रहा है। इस आवास ने राज्य के कई महत्वपूर्ण राजनीतिक और प्रशासनिक फैसलों को देखा है। लंबे समय से यह स्थान सत्ता और शासन का प्रमुख केंद्र रहा है, जहां से राज्य की दिशा तय की जाती रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री के आवास परिवर्तन के बाद निर्णय
हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 1 अणे मार्ग को खाली कर 7 सर्कुलर रोड स्थित आवास में शिफ्ट किया है। इसके बाद नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस आवास को लेकर यह नया फैसला लिया है। फिलहाल मुख्यमंत्री स्वयं 5 देश रत्न मार्ग स्थित आवास में ही रह रहे हैं और उन्होंने अभी तक 1 अणे मार्ग में प्रवेश नहीं किया है।
Lok Sevak Aawas: आवास व्यवस्था में किया गया समायोजन
भवन निर्माण विभाग की ओर से जारी एक अन्य आदेश में बताया गया है कि 5 देश रत्न मार्ग स्थित आवास को अस्थायी रूप से 1 अणे मार्ग का विस्तारित हिस्सा माना जाएगा। भू-संपदा पदाधिकारी सह संयुक्त सचिव शिव रंजन ने कहा कि पूर्व आदेश को संशोधित करते हुए यह व्यवस्था लागू की गई है, जिससे प्रशासनिक कार्यों में सुविधा बनी रहे।
इस निर्णय को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। ‘लोक सेवक आवास’ नाम देने के पीछे सरकार का उद्देश्य शासन को जनता के और करीब लाने का संदेश देना माना जा रहा है। यह बदलाव केवल नाम का नहीं, बल्कि शासन की सोच और कार्यशैली में परिवर्तन का संकेत भी माना जा रहा है।








