Tamil Nadu: तमिलनाडु में अभिनेता विजय थलापति को राजनीति का नया खिलाड़ी बेशक माना जा रहा था, लेकिन उन्होंने वर्षों पुरानी डीएमके (DMK) और एआईएडीएमके (AIADMK) को पछाड़कर खुद को एक मंझा हुआ खिलाड़ी साबित किया है।यही नहीं सरकार बनाने के लिए 10 सीटों की जरूरत पड़ी, तो इसमें भी उन्हें कोई दिक्कत नहीं होने वाली। जो कांग्रेस डीएमके के साथ मिलकर उनके खिलाफ चुनाव लड़ी थी, वही अब समर्थन देने को तैयार हो गई। इससे भी चौंकान्ने वाली बात यह सामने आ रही है कि जयललिता की पार्टी एआईडीएमके के दो तिहाई विधायकों ने विजय को सरकार बनाने के लिए समर्थन देने का फैसला किया है।बताया जाता है कि ये विधायक पार्टी तोड़ने में भी संकोच नहीं करेंगे।
7 मई को शपथ ले सकते हैं विजय
राज्य में यह स्थिति एआईएडीएमके के लिए बडे खतरे की आहट है। पार्टी के दो तिहाई विधायक एक्टर विजय की सरकार को समर्थन देना चाहते हैं। आश्चर्यजनक है कि एक समय जिस जयललिता ने विजय को पनपने नहीं दिया, आज उन्हीं विजय को समर्थन देने जयललिता की पार्टी टूट की कगार पर है। अभिनेता विजय के 7 मई को शपथ लेने की संभावना है।यदि वे सरकार बनाने के लिए विधायकों की पर्याप्त संख्या नहीं जुटा पाते हैं, तो ऐसी स्थिति में भी वे मुख्यमंत्री पद संभाल सकते हैं। बस, इसके लिए उन्हें 15 दिनों के भीतर विधानसभा में विश्वासमत हासिल करना पड़ेगा। इस बीच वे आसानी से बहुमत जुटा सकते हैं।
Tamil Nadu: एआईएडीएके के 35 विधायक समर्थन के पक्ष में
बताया जाता है कि एआईएडीएके के 35 विधायक विजय को समर्थन देना चाहते हैं। खबर है कि ये विधायक बुद्धबार को राज्यसभा में पार्टी के नेता सीवी षणमुगम के चेन्नई ऑफिस पहुंचे। चर्चा है कि इन विधायकों ने सीवी षणमुगम को अपनी भावनाओं से अवगत करा दिया है। राज्य की राजनीति में इसे एआईडीएमके में टूट के तौर पर देखा जा रहा है।यह भी चर्चा है कि इन विधायकों ने एआईडीएमके महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी को राय दी है कि टीवीके के साथ गठबंधन कर लिया जाए।








