Tehran: ईरान की सरकार ने कहा है कि संघर्ष समाप्त होने के बाद देश में इंटरनेट सेवा सामान्य कर दी जाएगी। इस बीच ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट को 74 दिन हो गए हैं। इंटरनेट मॉनिटरिंग संस्था नेट ब्लॉक्स के मुताबिक 1,752 घंटे से ज्यादा समय गुजर गया है जब आम लोगों का संपर्क पूरी दुनिया से नहीं स्थापित हो पाया है।
संघर्ष समाप्त होने के बाद सामान्य होगी सेवा
इस बीच इंटरनेट सेवा बहाली का ऐलान सरकार के प्रवक्ता फातेमेह मोहाजेरानी ने किया। मेहर न्यूज एजेंसी के मुताबिक उन्होंने कहा, “सरकार का दृष्टिकोण सभी बुनियादी ढांचे तक समान पहुंच का है, जिसमें इंटरनेट भी शामिल है। हम इंटरनेट पहुंच को एक नागरिक अधिकार मानते हैं, और यही राष्ट्रपति का भी दृष्टिकोण है। हम भेदभाव और अन्याय को मान्यता नहीं देते और उनका विरोध करते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “हमारी प्रो-इंटरनेट नीति का उद्देश्य व्यवसायों को उच्च गुणवत्ता वाले इंटरनेट तक पहुंच देना है, और जब स्थिति सामान्य होगी, तो उम्मीद है कि यह स्थिति भी सामान्य हो जाएगी।”
उन्होंने आगे कहा, “हमारी प्रो-इंटरनेट नीति का उद्देश्य व्यवसायों को उच्च गुणवत्ता वाले इंटरनेट तक पहुंच देना है, और जब स्थिति सामान्य होगी, तो उम्मीद है कि यह स्थिति भी सामान्य हो जाएगी।”
Tehran: हवाई हमले से बाधित हुई सेवा
28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हवाई हमले के बाद से ही इंटरनेट सेवा बाधित रही। ईरान में लाखों लोगों को लगभग पूर्ण इंटरनेट बंदी का सामना करना पड़ा जो 74 दिनों तक चली, जिसमें केवल सरकारी-स्वीकृत वेबसाइटों तक ही पहुंच संभव रही है।
वैसे इससे पहले जनवरी आंदोलन के दौरान भी ईरानियों के लिए इंटरनेट सेवा उपलब्ध नहीं थी। अल जजीरा के अनुसार फरवरी 2026 के अंत से जारी संघर्ष के कारण 99 फीसदी से अधिक आबादी के लिए इंटरनेट सेवा पूरी तरह से बंद है। यह इतिहास की सबसे लंबी इंटरनेट बंदी में से एक बताया गया। जिसमें सोशल मीडिया, वीपीएन और विदेशी वेबसाइट्स पर कड़ा प्रतिबंध है। इस दौरान ‘नेशनल इंफॉर्मेशन नेटवर्क’ (इंट्रानेट) ही काम कर रहा है।
Tehran: टैक्स लगाने की तैयारी
इस बीच चर्चा आईआरजीसी के उस तीन-स्टेप प्लान की भी है जिसके तहत दावा किया गया है कि वो समुद्र के नीचे बिछे इंटरनेट केबल्स पर टैक्स लगाने की तैयारी में है। कथित तौर पर ये गूगल, मेटा और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी कंपनियों को भी चिंता में डाल सकता है।
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