West Bengal: पश्चिम बंगाल के नवनियुक्त खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री अशोक किर्तानिया ने राज्य में राशन सामग्री की सूची से गेहूं के आटे (होल व्हीट फ्लोर) को हटाने का आदेश दिया है। मंत्री का कहना है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में सबसे अधिक भ्रष्टाचार और घोटाले आटे की सप्लाई में हो रहे हैं। उन्होंने जनता से अपील की है कि नई सरकार को काम करने के लिए एक सप्ताह का समय दें, इसके बाद कार्ययोजना स्पष्ट कर दी जाएगी।
भ्रष्टाचार और घोटाले पर सख्त चेतावनी
मंत्री किर्तानिया ने कहा कि पार्टी ने उन्हें बहुत बड़ी जिम्मेदारी दी है और वे इसके भरोसे को बनाए रखने के लिए पूरी कोशिश करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब और कोई घोटाला नहीं होने दिया जाएगा। किसी भी तरह के भ्रष्टाचार या घोटाले में शामिल पाए जाने वाले अधिकारी या मिल मालिक बख्शे नहीं जाएंगे। उनका कहना था कि खाद्य विभाग में सबसे बड़ा घोटाला आटे को लेकर हो रहा है और इसे रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
West Bengal: राशन सूची से आटा हटाने का आदेश
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राशन सूची से गेहूं का आटा हटा दिया जाए। हालांकि, अधिकारियों ने चेतावनी दी कि इससे सरकार को कुछ नुकसान उठाना पड़ सकता है, क्योंकि बड़ी मात्रा में आटा पहले से स्टॉक में मौजूद है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि जितना आटा पहले से पिसवाकर तैयार किया जा चुका है, केवल उसी का वितरण किया जाएगा। इसके बाद पश्चिम बंगाल के राशन में आटा शामिल नहीं रहेगा।
राजनीतिक बयान और नई सरकार की शुरुआत
इस बीच, नवनियुक्त मंत्री दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस के नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। यह बयान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूर्व मंत्री सुजीत बोस की गिरफ्तारी के एक दिन बाद आया। पिछले सप्ताह भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के पहले भाजपा मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी, और उनके साथ पांच अन्य विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली थी।
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