Puducherry CM Oath: पुडुचेरी में एक बार फिर एनडीए सरकार बनने जा रही है। ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस (AINRC) के प्रमुख एन. रंगासामी आज यानी 13 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, शपथ ग्रहण समारोह राजभवन में आयोजित किया जाएगा। इस दौरान उप-राज्यपाल के. कैलाशनाथन सुबह 9:47 बजे उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।
पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनेंगे एन. रंगासामी
एन. रंगासामी का यह मुख्यमंत्री के रूप में पांचवां कार्यकाल होगा। पुडुचेरी की राजनीति में उनका नाम लंबे समय से एक मजबूत नेता के रूप में देखा जाता है। इससे पहले भी वे कई बार मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं और अब एक बार फिर जनता ने उन पर भरोसा जताया है।
09 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में AINRC ने 16 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से 12 सीटों पर पार्टी ने जीत हासिल की। वहीं, उसके सहयोगी दल बीजेपी ने 10 सीटों पर चुनाव लड़ा और 4 सीटें अपने नाम कीं।इसके अलावा AIADMK और लाचित जननायगा काची को भी एक-एक सीट मिली। इस तरह 30 सदस्यीय विधानसभा में एनडीए गठबंधन के पास कुल 18 सीटें हो गई हैं। स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद पुडुचेरी में फिर से गठबंधन सरकार बनने जा रही है।

कांग्रेस से अलग होकर बनाई थी नई पार्टी
एन. रंगासामी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से की थी। वे 2001 से 2006 तक और फिर 2006 से 2008 तक पुडुचेरी के मुख्यमंत्री रहे।इसके बाद साल 2011 में उन्होंने कांग्रेस से अलग होने का फैसला किया और अपनी नई पार्टी ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस (AINRC) बनाई। नई पार्टी बनाने के बाद उसी साल हुए विधानसभा चुनाव में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया और तीसरी बार मुख्यमंत्री बने।
विकास और गठबंधन राजनीति पर रहा फोकस
रंगासामी के चौथे कार्यकाल में गठबंधन राजनीति और केंद्र शासित प्रदेश के विकास को खास महत्व दिया गया। उनकी सरकार ने कई विकास योजनाओं पर काम किया, जिसके चलते पार्टी ने एक बार फिर चुनाव में अच्छा प्रदर्शन किया।2026 के विधानसभा चुनाव में मिली जीत ने अब उनके पांचवें कार्यकाल का रास्ता साफ कर दिया है।
Puducherry CM Oath: 2021 चुनाव में भी NDA को मिला था बहुमत
अगर 2021 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो उस समय भी एन. रंगासामी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया था। 30 सीटों वाली विधानसभा में एनडीए ने कुल 16 सीटें जीती थीं।उस चुनाव में AINRC ने सबसे ज्यादा 10 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि बीजेपी को 6 सीटें मिली थीं।
वहीं, कांग्रेस और डीएमके के गठबंधन को बड़ा झटका लगा था। कांग्रेस-डीएमके गठबंधन केवल 8 सीटों तक सीमित रह गया था, जिसमें डीएमके को 6 और कांग्रेस को 2 सीटें मिली थीं। इसके अलावा 6 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल कर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई थी।
ये भी पढ़ें…अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव का निधन, 38 साल की उम्र में थमी जिंदगी, लखनऊ में ली अंतिम सांस








