Kerala New CM: कांग्रेस पार्टी ने केरल में मुख्यमंत्री पद के लिए वी.डी. सतीशन के नाम का ऐलान कर दिया है। इसके बाद, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने गुरुवार को संयम दिखाते हुए सार्वजनिक रूप से हाईकमान के उस फैसले को मान लिया।
सतीशन को दी बधाई
घोषणा के तुरंत बाद दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए वेणुगोपाल का अंदाज़ एक राजनेता और एक वफादार पार्टी सिपाही जैसा था। उन्होंने बहुत सावधानी से अपने मन में किसी भी तरह की कड़वाहट को ज़ाहिर नहीं होने दिया। भले ही वे उस दौड़ में पीछे रह गए थे, जिसके बारे में कई अंदरूनी सूत्रों का मानना था कि यह आखिरी पल तक चली थी।
उन्होंने सतीशन को बधाई देते हुए कहा, “सतीशन को मुख्यमंत्री बनाया गया है। कांग्रेस विधायक दल की बैठक होगी और वह इस फैसले को स्वीकार करेगी। कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ के लिए यह एक शानदार जीत थी, जिसमें उसे 102 सीटें मिलीं।”
Kerala New CM: खुद को बताया पार्टी का सिपाही
वेणुगोपाल ने साफ कहा कि वह शुरू से यही कहते आए हैं कि पार्टी नेतृत्व का निर्णय सर्वोपरि होगा। उन्होंने खुद को कांग्रेस का वफादार सिपाही बताते हुए कहा कि व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से ऊपर पार्टी का सामूहिक जनादेश होता है।
मजबूत दावेदार माने जा रहे थे वेणुगोपाल
राजनीतिक हलकों में के.सी. वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री पद की दौड़ में मजबूत दावेदार माना जा रहा था। बताया जा रहा था कि कांग्रेस के कई नए विधायकों का समर्थन भी उन्हें हासिल था।
Kerala New CM: संगठन में मजबूत पकड़
वेणुगोपाल कांग्रेस संगठन में लंबे समय से अहम भूमिका निभाते रहे हैं। पार्टी के भीतर उनकी मजबूत पकड़ और संगठनात्मक क्षमता को देखते हुए समर्थक उन्हें नई सरकार का स्वाभाविक प्रशासनिक चेहरा मान रहे थे।
कांग्रेस की परंपरा पर दिया जोर
सीएम पद की दौड़ से बाहर होने के बावजूद वेणुगोपाल ने कांग्रेस की उस परंपरा को आगे बढ़ाया, जिसमें हाईकमान के फैसले को सर्वोच्च माना जाता है। उनकी प्रतिक्रिया को पार्टी अनुशासन और संगठन के प्रति निष्ठा के रूप में देखा जा रहा है।
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