UP News: समाजवादी पार्टी को 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले गौतम बुद्ध नगर में बड़ा झटका लगा है। पार्टी की अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव और जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष मनोज भाटी ने सपा के सभी पदों और सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उनके साथ सैकड़ों अधिवक्ताओं द्वारा भी पार्टी छोड़ने का दावा किया गया है।
सवर्ण समाज में भारी नाराजगी
ग्रेटर नोएडा प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में मनोज भाटी ने कहा कि सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी द्वारा ब्राह्मण समाज को लेकर दिए गए बयान से अधिवक्ताओं और सवर्ण समाज में भारी नाराजगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी से जुड़े कुछ नेता न्यायालय परिसर में बनने वाले लगभग 600 अधिवक्ता चैंबरों के निर्माण में भी बाधा डाल रहे हैं।

UP News: नाराज वर्गों को दोबारा साथ जोड़े सपा
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, 2027 विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इस तरह की नाराजगी सपा के लिए चिंता बढ़ा सकती है। गौतम बुद्ध नगर, नोएडा और ग्रेटर नोएडा जैसे शहरी क्षेत्रों में अधिवक्ता, ब्राह्मण और गुर्जर वोटर प्रभावशाली माने जाते हैं। ऐसे में अधिवक्ता नेताओं का सामूहिक इस्तीफा विपक्ष को यह मुद्दा उठाने का मौका दे सकता है। मनोज भाटी ने करीब ढाई साल पहले सपा जॉइन की थी, जबकि जिला बार एसोसिएशन सचिव शोभाराम चंदिला लगभग 13 वर्षों से पार्टी से जुड़े थे। दोनों नेताओं ने साफ कहा कि अब वे किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं, बल्कि केवल अधिवक्ता समाज और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करेंगे।
2027 चुनाव के लिहाज से देखा जाए तो यह मामला केवल इस्तीफे तक सीमित नहीं है, बल्कि सपा के अंदर सामाजिक समीकरण और संगठनात्मक असंतोष को भी उजागर करता है। भाजपा और अन्य दल इसे सवर्ण और अधिवक्ता वर्ग की उपेक्षा के मुद्दे के रूप में भुना सकते हैं। वहीं सपा के लिए यह चुनौती होगी कि वह चुनाव से पहले नाराज वर्गों को दोबारा अपने साथ जोड़े।
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