Owaisi vs. Rijiju: असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरन रिजिजू पर तीखा हमला बोला है। ओवैसी ने रिजिजू के हालिया बयान पर एतराज जताते हुए उन्हें “अल्पसंख्यकों के विरोधी मंत्री” करार दिया।
दरअसल, नई दिल्ली में आयोजित राज्य अल्पसंख्यक आयोगों के सम्मेलन में रिजिजू ने कहा था कि भारत अल्पसंख्यकों के लिए सबसे सुरक्षित और समावेशी देशों में से एक है। उन्होंने मुस्लिम आबादी का जिक्र करते हुए कहा था कि अगर भारतीय मुसलमानों को एक अलग देश माना जाए, तो वह दुनिया का छठा सबसे बड़ा देश होगा। साथ ही उन्होंने पारसी समुदाय की कम आबादी का भी उदाहरण दिया था।
ओवैसी ने पूछा ‘आसान गणित का सवाल’
रिजिजू के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “@KirenRijiju के लिए एक आसान गणित का सवाल है—79.8 प्रतिशत बड़ा है या 14 प्रतिशत? अगर हिंदू बहुसंख्यक समुदाय हैं, तो हर गैर-हिंदू समूह अल्पसंख्यक समुदाय है।” ओवैसी ने आरोप लगाया कि मंत्री अनुच्छेद 30 के तहत मुसलमानों को मिले मौलिक अधिकारों को कमजोर करने के लिए दुष्प्रचार कर रहे हैं।
Owaisi vs. Rijiju: हिंदी भाषियों का भी दिया उदाहरण
AIMIM प्रमुख ने अपने पोस्ट में आगे लिखा कि अगर रिजिजू के तर्क को मान लिया जाए, तो हिंदी भाषी लोग उन राज्यों में अल्पसंख्यक नहीं माने जाएंगे जहां हिंदी नहीं बोली जाती, क्योंकि उनकी आबादी कई देशों की कुल आबादी से भी अधिक है।
रिजिजू ने भारत को बताया था सुरक्षित देश
सम्मेलन में रिजिजू ने कहा था कि भारत में अल्पसंख्यकों को सुरक्षा, सम्मान और अवसर मिलते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अफगानिस्तान से लेकर श्रीलंका तक कई पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यकों ने भारत को सुरक्षित शरणस्थली के रूप में देखा है। रिजिजू के बयान और ओवैसी की प्रतिक्रिया के बाद अल्पसंख्यक अधिकारों और संवैधानिक प्रावधानों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
Simple math question for @KirenRijiju what is bigger? 79.8% or 14%? If Hindus are the majority community, then every non-Hindu group is a minority community. The minister is indulging in propaganda to deny Muslims their fundamental rights under Article 30. If we accept the… pic.twitter.com/j1jj1jVIGC
— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) May 19, 2026
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