Siddaramaiah: कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया ने दिल्ली पहुंचकर पार्टी नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। राज्यपाल थावरचंद गहलोत द्वारा उनका इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसी बीच सिद्धारमैया ने पार्टी नेतृत्व के साथ भविष्य की राजनीतिक भूमिका और नई सरकार के गठन को लेकर चर्चा की।
राज्यसभा जाने से किया साफ इनकार
राहुल गांधी के साथ हुई बैठक में सिद्धारमैया ने स्पष्ट कर दिया कि उनकी केंद्रीय राजनीति में आने की कोई इच्छा नहीं है। उन्होंने कहा कि वह कर्नाटक की राजनीति में ही सक्रिय रहना चाहते हैं और राज्य की जनता के बीच रहकर काम करना पसंद करेंगे। बताया जा रहा है कि राज्यसभा भेजे जाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई, लेकिन सिद्धारमैया ने ऐसी किसी भूमिका में रुचि नहीं दिखाई। उन्होंने पार्टी नेतृत्व को राज्यसभा चुनाव के लिए अपने पसंदीदा उम्मीदवार का नाम भी सुझाया।

Siddaramaiah: बेटे के लिए महत्वपूर्ण विभाग की मांग
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि सिद्धारमैया ने अपने बेटे यतींद्र सिद्धारमैया के लिए नई सरकार में महत्वपूर्ण विभाग दिए जाने की पैरवी की है। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने चिकित्सा शिक्षा, पिछड़ा वर्ग कल्याण, उद्योग अथवा जल संसाधन विभाग जैसे प्रमुख मंत्रालयों में से किसी एक की जिम्मेदारी देने का सुझाव रखा है। हालांकि, इस संबंध में पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
नई सरकार और उपमुख्यमंत्री पद पर मंथन
दिल्ली दौरे के दौरान सिद्धारमैया ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से भी मुलाकात की। इस बीच कर्नाटक में नई सरकार के गठन को लेकर चर्चाएं तेज हैं। सूत्रों के अनुसार, नई सरकार में तीन उपमुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं, ताकि विभिन्न सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व दिया जा सके। प्रियांक खरगे, सतीश जारकीहोली और एम.बी. पाटिल के नाम संभावित दावेदारों में शामिल बताए जा रहे हैं। वहीं, कांग्रेस संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने सतीश जारकीहोली से बातचीत कर उन्हें “एक व्यक्ति, एक पद” के सिद्धांत की जानकारी दी। उन्हें मंत्री पद या प्रदेश अध्यक्ष पद में से एक विकल्प चुनने को कहा गया है। जारकीहोली ने इस विषय पर सिद्धारमैया से चर्चा के बाद अंतिम निर्णय लेने की बात कही है।
Written by- Rashmi Sharma








