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जटिंगा का रहस्य: आखिर हर साल रात में क्यों गिरते हैं सैकड़ों पक्षी?

Asam jatinga Mystery:

Asam jatinga Mystery: असम के दीमा हसाओ जिले में समुद्र तल से करीब 650 मीटर की ऊंचाई पर स्थित छोटा-सा गांव जटिंगा हर साल मानसून के बाद चर्चा में आ जाता है। सितंबर से नवंबर के बीच शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक यहां सैकड़ों पक्षी अचानक नीचे गिरने लगते हैं। इसी वजह से इस जगह को लोग ‘पक्षियों का सुसाइड पॉइंट’ भी कहते हैं।

Asam jatinga Mystery: क्या सच में पक्षी करते हैं आत्महत्या-

वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह पक्षियों की आत्महत्या नहीं है। इसके पीछे मौसम और कृत्रिम रोशनी का प्रभाव जिम्मेदार है। बारिश के बाद बनने वाला घना कोहरा और तेज हवाएं पक्षियों का दिशा ज्ञान प्रभावित कर देती हैं। ऐसे में गांव की तेज रोशनी उन्हें अपनी ओर आकर्षित करती है और भ्रमित होकर उड़ते हुए वे पेड़ों, बिजली के खंभों या जमीन से टकरा जाते हैं।

Asam jatinga Mystery: किन पक्षियों पर पड़ता है असर-

विशेषज्ञों के अनुसार, इस घटना में 40 से अधिक प्रजातियों के छोटे जंगली पक्षी शामिल होते हैं। वहीं, ऊंची उड़ान भरने वाले बड़े पक्षी आमतौर पर इस घटना से प्रभावित नहीं होते।

जागरूकता से कम हुए मामले-

पहले की तुलना में अब ऐसी घटनाओं की संख्या कम हो गई है। वन विभाग और स्थानीय लोगों की जागरूकता के कारण घटना वाले दिनों में तेज रोशनी का इस्तेमाल कम किया जाता है। साथ ही लोगों से पक्षियों को नुकसान न पहुंचाने की अपील भी की जाती है।

प्रकृति और रोशनी के टकराव की कहानी-

जटिंगा की यह रहस्यमयी घटना किसी डरावनी कहानी का हिस्सा नहीं, बल्कि मौसम, प्राकृतिक परिस्थितियों और इंसानी रोशनी के प्रभाव का परिणाम है वैज्ञानिक इसे प्रकृति और कृत्रिम रोशनी के बीच होने वाले टकराव का अनोखा उदाहरण मानते हैं।

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Written By- MANSI SHARMA