Bengal News: पश्चिम बंगाल में अन्नपूर्णा भंडार योजना को लेकर सियासी टकराव तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार की लक्ष्मी भंडार योजना में कथित तौर पर 30 लाख अवैध लाभार्थियों को शामिल किए जाने का दावा करते हुए ममता बनर्जी की पार्टी पर निशाना साधा है।
भाजपा नेता राहुल सिन्हा ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस को अन्नपूर्णा भंडार योजना पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि लक्ष्मी भंडार योजना के तहत बड़ी संख्या में अपात्र लोगों और कथित घुसपैठियों को लाभ पहुंचाया गया। उनका कहना है कि वर्तमान सरकार ऐसे सभी मामलों की जांच कर रही है और अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
30 लाख लाभार्थियों पर विवाद
भाजपा का दावा है कि पिछली सरकार के कार्यकाल में लक्ष्मी भंडार योजना के तहत करीब 30 लाख ऐसे लोगों को लाभ दिया गया, जो पात्रता मानकों पर खरे नहीं उतरते थे। हाल ही में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए लाभार्थियों के सत्यापन की आवश्यकता बताई थी।
इसी बीच सरकार ने अन्नपूर्णा भंडार योजना के लिए नई आवेदन प्रक्रिया शुरू की है। हालांकि, 12 पन्नों वाले आवेदन फॉर्म को लेकर तृणमूल कांग्रेस लगातार सरकार पर निशाना साध रही है। TMC का आरोप है कि जटिल प्रक्रिया के जरिए लाभार्थियों की संख्या कम करने की कोशिश की जा रही है।
Bengal News: घुसपैठ और लाभार्थियों का मुद्दा
राहुल सिन्हा ने अवैध घुसपैठ के मुद्दे को भी योजना से जोड़ते हुए कहा कि सरकार बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई कर रही है। उन्होंने दावा किया कि राज्य और केंद्र सरकार अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ सख्त कदम उठा रही हैं।
वहीं, तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार योजनाओं के वास्तविक लाभार्थियों को बाहर करने की रणनीति पर काम कर रही है। इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है।
राजनीतिक बहस हुई तेज
अन्नपूर्णा भंडार योजना अब पश्चिम बंगाल की राजनीति का बड़ा मुद्दा बनती जा रही है। भाजपा इसे पारदर्शिता और पात्रता का सवाल बता रही है, जबकि तृणमूल कांग्रेस इसे गरीबों और महिलाओं के अधिकारों से जुड़ा मामला बताकर सरकार को घेर रही है। आने वाले दिनों में यह विवाद और अधिक राजनीतिक रंग ले सकता है।








