दिग्गज रेसलर को डब्ल्यूएफआई ने पहले 50 किलोग्राम कैटेगरी तक ही सीमित कर दिया था, लेकिन इसके बाद महासंघ ने अपना फैसला बदला। यह बदलाव डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष संजय सिंह के दखल के बाद हुआ, जिन्होंने 53 किलोग्राम ट्रायल में विनेश के शामिल होने का समर्थन किया था।
ज्योति से जीता मुकाबला
ज्योति के खिलाफ अपने पहले मैच में विनेश ने सावधानी से शुरुआत करते हुए स्टैंडिंग रेसलिंग का इस्तेमाल किया। उन्होंने एक पुश-आउट से पहला अंक हासिल किया। इसके बाद डबल-लेग अटैक की कोशिश की, लेकिन उससे कोई अंक नहीं मिला। मैच का रुख दूसरे पीरियड की शुरुआत में तब बदला जब विनेश को एक्टिविटी क्लॉक पर रखा गया, जिससे उन्हें अपनी रफ्तार बढ़ानी पड़ी।
विनेश ने एक राइट-लेग अटैक को टेकडाउन में बदलकर 3-0 की बढ़त बना ली, और फिर ज्योति के एक जोरदार लेग अटैक को रोककर अपने डिफेंसिव हुनर का प्रदर्शन किया। जवाबी हमले का फायदा उठाते हुए, विनेश ने तेजी से दो स्कोरिंग मूव्स किए और स्कोर 7-0 तक पहुंचा दिया। हालांकि, अंतिम पलों में ज्योति ने एक पुश-आउट प्वाइंट हासिल करके क्लीन स्वीप से खुद को बचा लिया।
New Delhi: अब निशु से होगा दूसरा राउंड
दूसरी ओर, अंतिम पंघाल ने जोरदार शुरुआत करते हुए ‘टेक्निकल सुपीरियरिटी’ के आधार पर तन्नू को महज 34 सेकंड में हराया। इस युवा रेसलर ने तेजी से अपनी विरोधी को ‘फितले’ मूव में फंसाया और लगातार पांच बार घुमाकर निर्णायक जीत हासिल की।
New Delhi: इस तरह संभव हुआ खेलना…
शुरुआत में, डब्ल्यूएफआई ने तय किया था कि विनेश सिर्फ महिलाओं की 50 किलोग्राम कैटेगरी में ही हिस्सा ले सकती हैं। विनेश ने इस फैसले का विरोध करते हुए फेडरेशन पर भेदभाव का आरोप लगाया। बातचीत और फेडरेशन के नेताओं के दखल के बाद, डब्ल्यूएफआई ने शनिवार सुबह अपना फैसला बदल लिया और उन्हें 53 किलोग्राम ट्रायल में हिस्सा लेने की इजाजत दे दी।
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