Home » राष्ट्रीय » विदेश मंत्रालय मुख्यालय की सुरक्षा अब सीआईएसएफ के हवाले

विदेश मंत्रालय मुख्यालय की सुरक्षा अब सीआईएसएफ के हवाले

CISF Security

CISF Security: नई दिल्ली स्थित सुषमा स्वराज भवन में विदेश मंत्रालय के मुख्यालय की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करते हुए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की औपचारिक तैनाती कर दी गई है। कुल 90 स्वीकृत कर्मियों के साथ बल ने परिसर की सुरक्षा का जिम्मा संभाल लिया है। इस कदम को देश के महत्वपूर्ण राजनयिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को और सुदृढ़ करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

सुषमा स्वराज भवन में सुरक्षा जिम्मेदारी संभाली

तैनाती के दौरान विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव तरुण कुमार ने औपचारिक रूप से सीआईएसएफ कोट का उद्घाटन किया। इस अवसर पर बल के वरिष्ठ अधिकारी, सुरक्षा ब्यूरो के प्रतिनिधि तथा विदेश मंत्रालय के अधिकारी भी मौजूद रहे। इसके साथ ही देश के सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक और कूटनीतिक केंद्रों में से एक की सुरक्षा अब पूरी तरह प्रशिक्षित सुरक्षा बल के हाथों में आ गई है। सीआईएसएफ पहले से ही देश के अनेक संवेदनशील प्रतिष्ठानों, नागरिक उड्डयन केंद्रों, परमाणु इकाइयों और महत्वपूर्ण सरकारी परिसरों की सुरक्षा का दायित्व निभा रहा है। विदेश मंत्रालय मुख्यालय की सुरक्षा जिम्मेदारी मिलना बल की भूमिका को और अधिक महत्वपूर्ण बनाता है।

CISF Security: सुरक्षा तैयारियों की हुई व्यापक समीक्षा

इससे पहले सीआईएसएफ के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने उत्तरी क्षेत्र और हवाई अड्डा क्षेत्र की सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में विभिन्न इकाइयों के वरिष्ठ अधिकारियों और कमांडरों ने भाग लिया। इसमें सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने, विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा आधुनिक तकनीक के उपयोग पर विशेष चर्चा की गई। विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा और गुजरात जैसे सीमावर्ती तथा रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उभरती सुरक्षा चुनौतियों का आकलन किया गया। अधिकारियों ने संभावित खतरों से निपटने के लिए सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करने पर जोर दिया।

ड्रोन और आतंकवाद विरोधी तैयारी पर फोकस

बैठक में ड्रोन आधारित खतरों, तोड़फोड़ रोधी उपायों और आपदा प्रबंधन क्षमताओं की समीक्षा भी की गई। सीआईएसएफ ने भारतीय सेना के सहयोग से अपने जवानों के लिए चरणबद्ध ड्रोन विरोधी प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। इसके तहत कर्मियों को संदिग्ध मानवरहित हवाई प्रणालियों की पहचान, निगरानी और उन्हें निष्क्रिय करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अलावा आतंकवाद विरोधी अभियान, त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में सेना तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ चल रहे संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

ये भी पढ़ें… Delhi Police Special Cell Action, ISI और अंडरवर्ल्ड से जुड़े 9 आरोपी गिरफ्तार

Leave a Comment