कैपजेमिनी रिसर्च इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट में कहा गया कि भारत में निवेशकों की प्राथमिकताओं में बदलाव देखने को मिल रहा है। अब निवेशक व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार निवेश समाधान, वैकल्पिक निवेश विकल्पों और एआई-आधारित वेल्थ मैनेजमेंट सेवाओं पर अधिक ध्यान दे रहे हैं।
अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रही
रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में दुनिया भर के उच्च संपत्ति वाले लोगों की कुल संपत्ति में तेज वृद्धि हुई। एशिया-प्रशांत क्षेत्र में संपत्ति 10.5 प्रतिशत और एचएनडब्ल्यूआई आबादी 9.4 प्रतिशत बढ़ी, जो दुनिया में सबसे अधिक रही।
New Delhi: जापान और चीन आगे
रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2025 में वैश्विक उच्च संपत्ति वाले लोगों की कुल संपत्ति 8.7 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 98.3 ट्रिलियन डॉलर पर पहुंच गई, जो वर्ष 2018 के बाद एक साल में हुई सबसे बड़ी वृद्धि है।
New Delhi: दुनिया में 2.53 करोड़ अमीर
रिपोर्ट में कहा गया है कि अति उच्च संपत्ति वाले व्यक्तियों को इस वृद्धि का सबसे अधिक लाभ मिला, क्योंकि उनके निवेश सार्वजनिक बाजारों और बेहतर प्रदर्शन करने वाली निजी परिसंपत्तियों में अधिक थे।
संपत्ति का बड़ा हिस्सा अब भी कुछ लोगों के पास केंद्रित है। रिपोर्ट के अनुसार, शीर्ष 1 प्रतिशत एचएनडब्ल्यूआई के पास कुल उच्च संपत्ति वाली संपत्ति का 34.8 प्रतिशत हिस्सा है।
रिपोर्ट में बताया गया कि वर्ष 2025 में एआई से जुड़ी कंपनियों में आई तेजी के कारण शेयर बाजारों ने अमीरों की संपत्ति बढ़ाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई। दुनिया के 6 प्रमुख क्षेत्रों में से 5 क्षेत्रों में शेयर बाजार ही संपत्ति वृद्धि का प्रमुख आधार रहे।
New Delhi: अमेरिका सबसे आगे
जनवरी 2026 तक एचएनडब्ल्यूआई के निवेश पोर्टफोलियो में शेयरों की हिस्सेदारी बढ़कर 25 प्रतिशत हो गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 प्रतिशत अधिक है।
यह वृद्धि मुख्य रूप से कंपनियों के मजबूत मुनाफे और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में आई तेज बढ़त के कारण हुई। वहीं, बॉन्ड बाजार में भी बेहतर रिटर्न मिलने से निश्चित आय वाले निवेशों की हिस्सेदारी बढ़कर 20 प्रतिशत हो गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 2 प्रतिशत अधिक है।








