Delhi News: राजधानी के करावल नगर स्थित प्रकाश विहार में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक चार मंजिला इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। राहत की बात यह रही कि भवन में पहले से दरारें और झुकाव के संकेत मिलने के बाद सभी निवासियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। यदि समय रहते एहतियात नहीं बरता जाता तो यह हादसा कई लोगों की जान ले सकता था।
स्थानीय लोगों ने निर्माण एजेंसियों पर लगाए आरोप
इलाके के लोगों का आरोप है कि इमारत के पास नाले की खुदाई और निर्माण कार्य चल रहा था। जेसीबी चालकों को मना करने के बाद भी बार बार मकान के चैम्बर पर ठोकर मार रहे थे . जिसे मकान में दरारे पड़ने लगी उसके बाद सभी ने मकान खाली कर दिया , जिसके कुछ बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों और तकनीकी जांच के की गई खुदाई से भवन की नींव कमजोर हो गई। निवासियों का कहना है कि कई दिनों से इमारत में दरारें पड़ रही थीं, लेकिन संबंधित विभागों ने शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया।
Delhi News: विकास कार्यों की गुणवत्ता पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी देखी गई। उनका कहना है कि विकास परियोजनाओं को जल्दबाजी में पूरा करने की होड़ में सुरक्षा मानकों को दरकिनार किया जा रहा है। नागरिकों का आरोप है कि यदि निर्माण कार्य शुरू होने से पहले आसपास की इमारतों का संरचनात्मक परीक्षण कराया जाता तो इस हादसे से बचा जा सकता था।
रेखा गुप्ता सरकार विपक्ष के निशाने पर
इमारत गिरने की घटना के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है। विपक्षी दलों ने इसे प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि राजधानी में विकास के दावे तो किए जाते हैं, लेकिन सुरक्षा और निगरानी की व्यवस्था कमजोर बनी हुई है।
Delhi News: मौके पर पहुंचीं राहत और बचाव टीमें
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। आसपास के क्षेत्र को घेरकर मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इमारत गिरने के पीछे तकनीकी खामी थी या निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही।
जवाबदेही तय करने की उठी मांग
करावल नगर की इस घटना ने एक बार फिर राजधानी में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता, निगरानी और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि केवल जांच के आदेश काफी नहीं हैं, बल्कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई भी होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति न हो।








