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जिस होटल मालिक की गलती से गई लोगों की जानें वह खुद को बता रहा पीड़ित

New Delhi: जिस होटल मालिक की गलती से गई लोगों की जानें वह खुद को बता रहा पीड़ित
New Delhi: दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में बहुमंजिला ‘फ्लोरिश स्टे बीएंडबी’ में भीषण आग लगने की घटना ने पूरी दुनिया के लोगों को  झकझोर दिया है। इस भीषण हादसे में 21 लोगों की जानें चली गई। गुरुवार को होटल के मालिक लवकेश बजाज को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।आश्चर्यजनक यह है कि होटल मालिक की गलती से देश-विदेश के 21 लोग असमय मौत के शिकार हुए और कई अस्पताल में भर्ती हैं, वह गलती मानने के बजाए, खुद को पीड़ित बता रहा है। कोर्ट में उसके वकील ने यह भी दलील दी कि होटल मालिक भी पीड़ितों में से एक है। उसकी इमारत भी आग में जलकर खाक हो गई है।

सवाल जो जवाब मांग रहे हैं

होटल मालिक भले ही खुद को पीड़ित साबित कर ले, लेकिन सवाल उठ रहे हैं कि उसने अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) क्यों नहीं लिया ?  होटल में फायर सिस्टम क्यों नहीं था? होटल की इमारत की बनावट क्यों इस तरह की नहीं थी कि आपात स्थिति में लोग आसानी से बाहर निकल जाएं?  इमारत की खिड़कियां क्यों सील कर दी गई थी?  वेंटिलेशन की क्या सुविधा थी? दिल्ली के चीफ फायर ऑफिसर अभिलाष मलिक के अनुसार इस होटल को दिल्ली के पर्यटन विभाग ने बीएंडबी का लाइसेंस दिया था और फायर विभाग से किसी तरह की अनुमति नहीं ली गई थी। उन्होंने यह भी बताया कि इमारत की बनावट  के कारण आग को बुझाना और लोगों को बचाना बहुत चुनौतीपूर्ण था।

New Delhi: पुलिस को करनी पड़ी छापेमारी

दिल्ली पुलिस ने बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाने के बाद लवकेश बजाज को गिरफ्तार किया। पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी भर में कई जगहों पर छापेमारी की थी। गुरुवार को लवकेश बजाज को दिल्ली की एक अदालत में पेश किया गया।
इस बीच, आरोपी के वकील ने कहा कि उन्हें एफआईआर की कॉपी नहीं मिली है, जिस पर दिल्ली पुलिस ने कहा कि वे कॉपी उपलब्ध करा देंगे।

पुलिस ने बजाज की चार दिन की हिरासत मांगते हुए होटल स्टाफ के बारे में जानकारी मांगी है, और कहा है कि अब तक केवल दो स्टाफ सदस्यों का विवरण ही उपलब्ध कराया गया है। जांचकर्ताओं ने होटल के दस्तावेजों और रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी भी मांगी है।

लवकेश बजाज के वकील ने तर्क दिया कि दिल्ली पुलिस को स्पष्ट करना चाहिए कि बजाज को गिरफ्तार क्यों किया गया है। बचाव पक्ष के अनुसार, बजाज को केवल इसलिए गिरफ्तार किया गया है क्योंकि वह होटल के मालिक हैं।

New Delhi: फोरेंसिक जांच अभी बाकी

दिल्ली पुलिस ने कहा कि आग इतनी भीषण थी कि फोरेंसिक जांच अभी तक पूरी नहीं हो पाई है।पुलिस ने अदालत को बताया कि होटल स्टाफ से पूछताछ करना आवश्यक है, क्योंकि होटल लवकेश बजाज की देखरेख में ही संचालित हो रहा था। पुलिस ने बजाज की रिमांड मांगते हुए अदालत को बताया कि जांच अभी भी शुरुआती चरण में है।

अधिकारियों ने कहा, “फोरेंसिक विशेषज्ञ अभी तक विस्तृत जांच शुरू नहीं कर पाए हैं, और स्टाफ उनके निर्देशों के तहत ही काम कर रहा था। इसी कारण जांच के लिए हिरासत में लेकर पूछताछ करना आवश्यक है।”

New Delhi: छह की जगह 28 कमरे क्यों?

पुलिस ने कहा कि होटल के पास केवल छह कमरों के संचालन की अनुमति थी, लेकिन वहां 28 कमरे संचालित किए जा रहे थे। उन्होंने दावा किया कि लवकेश बजाज की ओर से गंभीर लापरवाही बरती गई थी।

बचाव पक्ष के वकील ने पुलिस रिमांड के अनुरोध का विरोध किया।

इससे पहले, अधिकारियों ने बताया था कि इमारत से 47 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था, जिनमें से 26 लोगों का फिलहाल इलाज चल रहा है।

वहीं, दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्‍स) में कई घायलों का इलाज किया जा रहा है, जिनमें वे पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, जो जलती हुई इमारत में सबसे पहले प्रवेश करने वाले बचाव दल का हिस्सा थे।