J/k news: जम्मू-कश्मीर को दोबारा पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग अब और तेज होती दिख रही है। मुख्यमंत्री Omar Abdullah की पार्टी Jammu & Kashmir National Conference (NC) ने फैसला किया है कि उसके विधायक संसद के मानसून सत्र के पहले दिन दिल्ली पहुंचकर राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को राष्ट्रीय स्तर पर उठाएंगे।
दिल्ली में उठेगी राज्य के दर्जे की मांग
नेशनल कॉन्फ्रेंस की एक महत्वपूर्ण बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, विधायकों और सांसदों ने हिस्सा लिया। बैठक के बाद पार्टी के मुख्य प्रवक्ता Tanvir Sadiq ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को उनके लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकार वापस मिलने चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी दिल्ली में सभी राजनीतिक दलों से संपर्क कर इस मुद्दे पर समर्थन जुटाने का प्रयास करेगी।
J/k news: राज्य का दर्जा बहाली पहली प्राथमिकता
तनवीर सादिक ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से जो अधिकार छीने गए थे, उन्हें वापस हासिल करने का समय आ गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य का दर्जा बहाल कराना नेशनल कॉन्फ्रेंस की सबसे बड़ी राजनीतिक प्राथमिकता है और पार्टी इस मुद्दे पर लगातार संघर्ष जारी रखेगी।
J/k news: 7 घंटे चली बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा
जानकारी के अनुसार, NC और उसके सहयोगी दलों के विधायकों और सांसदों की करीब 7 घंटे तक बैठक चली। इस दौरान राज्य के दर्जे के अलावा आरक्षण, शराबबंदी और अन्य राजनीतिक व सामाजिक मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
2019 में खत्म हुआ था राज्य का दर्जा
बता दें कि 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने Revocation of Article 370 के तहत जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त कर दिया था। इसके बाद Jammu and Kashmir को दो केंद्र शासित प्रदेशों Jammu and Kashmir और Ladakh में विभाजित कर दिया गया था। तब से राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग लगातार उठती रही है।
क्या है NC की रणनीति?
J/k news: पार्टी का मानना है कि संसद के मानसून सत्र के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर दबाव बनाकर इस मुद्दे को केंद्र सरकार के सामने मजबूती से रखा जा सकता है। इसी उद्देश्य से विधायक और सांसद दिल्ली में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से मुलाकात करेंगे और समर्थन जुटाने की कोशिश करेंगे।
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