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नीलकंठ मिश्रा होंगे विश्व बैंक में भारत की आवाज, वैश्विक आर्थिक फैसलों में निभाएंगे अहम भूमिका

विश्व बैंक में नीलकंठ मिश्रा को मिली बड़ी जिम्मेदारी

Neelkanth Mishra: भारत सरकार ने एक अहम फैसला लेते हुए वरिष्ठ अर्थशास्त्री नीलकंठ मिश्रा को विश्व बैंक में भारत का नया कार्यकारी निदेशक (Executive Director) नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति को केंद्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (ACC) ने मंजूरी दे दी है। वह अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी स्थित विश्व बैंक मुख्यालय में तीन साल के कार्यकाल के लिए यह महत्वपूर्ण पद संभालेंगे।

परमेश्वरन अय्यर की लेंगे जगह

नीलकंठ मिश्रा इस पद पर परमेश्वरन अय्यर का स्थान लेंगे। हालांकि, अय्यर का कार्यकाल तब तक बढ़ाया गया है, जब तक मिश्रा औपचारिक रूप से अपना कार्यभार नहीं संभाल लेते। वर्तमान में नीलकंठ मिश्रा प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) के अंशकालिक सदस्य भी हैं।

कार्यकारी निदेशक के रूप में नीलकंठ मिश्रा विश्व बैंक के बोर्ड में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह बोर्ड ऋण स्वीकृति, विकास परियोजनाओं, वित्तीय नीतियों और प्रशासनिक मामलों से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों की निगरानी करता है।

इस पद को भारत की आर्थिक कूटनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके तहत वैश्विक विकास वित्तपोषण, बुनियादी ढांचा निवेश, गरीबी उन्मूलन और आर्थिक विकास जैसे प्रमुख मुद्दों पर चर्चा और निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी होती है।

Neelkanth Mishra:  विश्व बैंक में नीलकंठ मिश्रा को मिली बड़ी जिम्मेदारी
विश्व बैंक में नीलकंठ मिश्रा को मिली बड़ी जिम्मेदारी

Neelkanth Mishra: एक्सिस बैंक में निभा रहे हैं अहम जिम्मेदारी

फिलहाल नीलकंठ मिश्रा एक्सिस बैंक में मुख्य अर्थशास्त्री (Chief Economist) के पद पर कार्यरत हैं। इसके अलावा वह एक्सिस कैपिटल में ग्लोबल रिसर्च प्रमुख (Head of Global Research) और पूर्णकालिक निदेशक की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।आर्थिक मामलों और बाजार रणनीति की गहरी समझ के कारण उन्हें भारत के सबसे प्रतिष्ठित अर्थशास्त्रियों और रणनीतिकारों में गिना जाता है।

क्रेडिट सुइस में रहा लंबा अनुभव

वर्ष 2023 में एक्सिस समूह से जुड़ने से पहले नीलकंठ मिश्रा ने लगभग 20 वर्षों तक क्रेडिट सुइस में काम किया। वहां उन्होंने प्रबंध निदेशक (Managing Director), भारत रणनीतिकार (India Strategist) और एशिया-प्रशांत क्षेत्र के इक्विटी रणनीति विभाग के सह-प्रमुख जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दीं।

कई सरकारी संस्थाओं से भी जुड़े

नीलकंठ मिश्रा केवल बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र तक सीमित नहीं रहे हैं। वह भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के अंशकालिक अध्यक्ष और भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) के अंशकालिक सदस्य भी हैं।

इसके अलावा उन्होंने केंद्र सरकार की कई महत्वपूर्ण समितियों और संस्थानों को सलाह दी है। वह 15वें और 16वें वित्त आयोग के साथ भी जुड़े रहे हैं और विभिन्न नीतिगत मामलों में अपना योगदान दे चुके हैं।

आईआईटी कानपुर के मेधावी छात्र रहे

नीलकंठ मिश्रा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने आईआईटी प्रवेश परीक्षा में पूरे देश में चौथा स्थान प्राप्त किया था, जो उनकी शैक्षणिक प्रतिभा को दर्शाता है।

उनकी उपलब्धियों और योगदान को देखते हुए IIT कानपुर ने वर्ष 2020 में उन्हें “विशिष्ट पूर्व छात्र पुरस्कार” (Distinguished Alumnus Award) से सम्मानित किया था।

करियर की शुरुआत इंफोसिस से

अपने पेशेवर जीवन की शुरुआत में नीलकंठ मिश्रा ने इंफोसिस में वरिष्ठ तकनीकी आर्किटेक्ट (Senior Technical Architect) के रूप में भी काम किया था। इसके बाद उन्होंने अर्थशास्त्र, वित्तीय बाजारों और नीति विश्लेषण के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई।

पिछले कई वर्षों से नीलकंठ मिश्रा को लगातार भारत के शीर्ष विश्लेषकों में शामिल किया जाता रहा है। आर्थिक नीतियों, वित्तीय बाजारों और निवेश से जुड़े विषयों पर उनकी विशेषज्ञता को भारत ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी काफी सम्मान और मान्यता प्राप्त है।

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