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खान सर के केस में, गिरफ्तारी से बचने के लिए क्या हैं कानूनी विकल्प? जानिए पूरा मामला

Khan sir: पटना में चर्चित शिक्षक खान सर और ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद के बीच विवाद अब कानूनी मोड़ ले चुका है। रौशन आनंद की गिरफ्तारी के बाद अब खान सर के खिलाफ भी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने उनके खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत FIR दर्ज की है, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, 2 जून को दोनों पक्षों के बीच विवाद के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा था। इसके बाद मंगलवार रात खान सर की कोचिंग के बाहर हंगामा, तोड़फोड़ और एक गार्ड के घायल होने की घटना सामने आई। शुरुआत में पुलिस ने फायरिंग की बात से इनकार किया था, लेकिन बाद में वायरल वीडियो सामने आने के बाद जांच का दायरा बढ़ा दिया गया। पुलिस को दिए बयान में खान सर के गार्ड्स ने दावा किया कि उन्हें गोली चलाने के लिए कहा गया था। इसी बयान के आधार पर पुलिस ने खान सर के खिलाफ FIR दर्ज की है।

Khan sir: खान सर के वकील ने क्या कहा?

खान सर के अधिवक्ता अरविंद कुमार मव्वार का कहना है कि उनके मुवक्किल को साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। उनका दावा है कि 2 जून को खान सर के स्टाफ ने पहले रौशन आनंद के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद बदले की भावना से यह कार्रवाई की गई। वकील के मुताबिक, गार्ड्स ने केवल सुरक्षा के उद्देश्य से हवा में फायरिंग की थी और इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि खान सर सोमवार को अग्रिम जमानत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे और आत्मसमर्पण नहीं करेंगे।

Khan sir: किन धाराओं में दर्ज हुआ केस?

पुलिस ने खान सर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 सहित अन्य गंभीर धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। इन धाराओं में दोष सिद्ध होने पर 10 साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।

गिरफ्तारी से बचने के लिए क्या हैं कानूनी विकल्प?

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार खान सर के पास फिलहाल कुछ प्रमुख विकल्प मौजूद हैं: संबंधित अदालत में अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) के लिए आवेदन करना। यदि निचली अदालत से राहत नहीं मिलती है तो सत्र न्यायालय या उच्च न्यायालय का रुख करना। FIR को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करना। जांच में सहयोग करते हुए पुलिस के सामने अपना पक्ष रखना। अदालत से अंतरिम राहत की मांग करना। हालांकि अंतिम फैसला अदालत और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर ही होगा।

पुलिस की अपील

Khan sir: मामले को लेकर पुलिस प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। लॉ एंड ऑर्डर को लेकर हुई उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों ने छात्रों से किसी भी कोचिंग संस्थान के बहकावे में न आने और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।

 

 

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