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टीएमसी की याचिका पर कल होगी सुनवाई

West Bengal

West Bengal: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और राज्य की जांच एजेंसी के बीच टकराव और तेज हो गया है। पार्टी ने अपने कार्यालयों में सीआईडी द्वारा की गई छापेमारी और तलाशी कार्रवाई को चुनौती देते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि जांच एजेंसी ने कानूनी प्रक्रियाओं की अनदेखी करते हुए पार्टी कार्यालयों में कार्रवाई की, जबकि मामले से जुड़ी महत्वपूर्ण याचिकाएं पहले से न्यायालय में लंबित थीं।

हाई कोर्ट में दायर की गई याचिका

बुधवार को न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की अवकाशकालीन एकल पीठ के समक्ष तृणमूल कांग्रेस की ओर से याचिका दायर की गई। वरिष्ठ अधिवक्ता और चार बार के लोकसभा सदस्य कल्याण बनर्जी ने अदालत को बताया कि मामले के प्रमुख गवाहों की अनुपस्थिति में तलाशी और छापेमारी की कार्रवाई की गई। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के दोनों कार्यालयों में मौजूद महत्वपूर्ण संगठनात्मक दस्तावेजों की जांच-पड़ताल की गई, जिससे कई सवाल खड़े होते हैं।

West Bengal: अभिषेक बनर्जी की याचिका का भी हवाला

याचिका में यह भी कहा गया कि सीआईडी की कार्रवाई उस समय की गई जब तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई होनी बाकी थी। इस याचिका में उन्हें जारी किए गए सीआईडी समन को चुनौती दी गई है। साथ ही गिरफ्तारी या अन्य कठोर पुलिस कार्रवाई से सुरक्षा की भी मांग की गई है। अदालत ने नई याचिका स्वीकार करते हुए मामले की सुनवाई गुरुवार के लिए निर्धारित कर दी है।

हस्ताक्षर विवाद से जुड़ा है मामला

मंगलवार को सीआईडी अधिकारियों ने दक्षिण कोलकाता के कालीघाट स्थित तृणमूल कांग्रेस कार्यालय और मध्य कोलकाता के कैमक स्ट्रीट स्थित एक अन्य कार्यालय में एक साथ छापेमारी की थी। यह कार्रवाई विधानसभा में विपक्ष के लिए आरक्षित महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति से जुड़े प्रस्ताव पर कुछ विधायकों के हस्ताक्षरों में कथित अंतर मिलने के मामले में की गई। जांच एजेंसी इस मामले में अभिषेक बनर्जी से पूछताछ करना चाहती है, लेकिन वह अब तक जारी तीन समनों पर उपस्थित नहीं हुए हैं। अब इस पूरे मामले पर सबकी नजरें हाई कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं, जिससे आगे की राजनीतिक और कानूनी दिशा तय हो सकती है।

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