GONDA NEWS: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। इस बीच भाजपा के पूर्व सांसद बृज भूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) के एक बयान ने विवाद को और हवा दे दी है। उन्होंने कहा कि यदि वह इस मामले का सच बोल देंगे तो खुद मुश्किल में पड़ सकते हैं, क्योंकि इसमें “बहुत ताकतवर लोग” शामिल हैं। बिना नाम लिए किसको पूर्व सांसद बताया रहे है ताकतवर है ।
किसके डर के कारण सच नहीं बोल पा रहे है
गोंडा में मीडिया से बातचीत के दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि वह फिलहाल पूरे मामले पर खुलकर बोलने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने कहा, “अगर मैं सच बोल दूंगा तो बहुत चोट लगेगी और मैं खुद विवाद में फंस जाऊंगा। वे लोग बहुत शक्तिशाली हैं, इसलिए डर के कारण सच नहीं बोल रहा हूं।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं कि आखिर वे ‘पावरफुल लोग’ कौन हैं जिनका जिक्र किया जा रहा है।
GONDA NEWS: अखिलेश यादव ने उठाया था मुद्दा
इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने राम मंदिर के चढ़ावे में करोड़ों रुपये की कथित गड़बड़ी का आरोप लगाया। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए मामले की न्यायिक जांच और जवाबदेही तय करने की मांग की थी। अखिलेश यादव ने इसे करोड़ों राम भक्तों की आस्था से जुड़ा मामला बताते हुए कहा था कि यदि आरोप सही हैं तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
पूर्व लेखा प्रभारी ने भी लगाए आरोप
राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह ने भी दावा किया था कि चढ़ावे में गड़बड़ियों की जानकारी पहले से ट्रस्ट को दी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद उचित कार्रवाई नहीं हुई और कुछ महत्वपूर्ण सीसीटीवी फुटेज भी हटाए गए। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
GONDA NEWS: ट्रस्ट ने आरोपों को किया खारिज
वहीं, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय (Champat Rai) ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि मंदिर के वित्तीय लेनदेन और चढ़ावे का नियमित ऑडिट किया जाता है और फिलहाल जांच में कोई ऐसी बात सामने नहीं आई है जिससे किसी गड़बड़ी की पुष्टि हो। चंपत राय के अनुसार, ऑडिट प्रक्रिया ट्रस्ट और बैंक अधिकारियों की निगरानी में पारदर्शी तरीके से संचालित की जा रही है।
राजनीतिक विवाद गहराया
राम मंदिर देश की आस्था और राजनीति दोनों का बड़ा केंद्र रहा है। ऐसे में चढ़ावे को लेकर उठे आरोप और उस पर बृजभूषण शरण सिंह जैसे वरिष्ठ नेता का बयान आने से यह मुद्दा और संवेदनशील हो गया है। विपक्ष जहां जवाब मांग रहा है, वहीं ट्रस्ट और भाजपा आरोपों को राजनीतिक रंग देने की कोशिश बता रहे हैं। फिलहाल इस मामले में कोई आधिकारिक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है, लेकिन बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।
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