Avnish Awasthi: पूर्व वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अवनीश अवस्थी ने एक कार्यक्रम में कहा कि पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने विकास के कई नए रिकॉर्ड बनाए हैं। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था में सुधार, बड़े निवेश, आधुनिक बुनियादी ढांचे और धार्मिक पर्यटन के विकास ने राज्य की तस्वीर बदल दी है।अवनीश अवस्थी ने बताया कि देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का 60 प्रतिशत से अधिक हिस्सा उत्तर प्रदेश में है। उन्होंने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे का जिक्र करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था।
उन्होंने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर प्रधानमंत्री ने सैन्य विमान से लैंडिंग की थी, जो अपने आप में एक अनोखी घटना थी। यह एक्सप्रेसवे प्रदेश को दिल्ली समेत कई बड़े शहरों से जोड़ता है।
जेवर एयरपोर्ट बनने से बढ़ेगा प्रदेश का महत्व
अवनीश अवस्थी ने कहा कि राज्य में अब 16 से अधिक एयरपोर्ट हैं। जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का सपना 1997 में देखा गया था, लेकिन लंबे समय तक काम आगे नहीं बढ़ पाया।2017 के बाद किसानों से बातचीत कर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की गई। उन्होंने खुशी जताई कि जल्द ही जेवर एयरपोर्ट से पहली इंडिगो उड़ान शुरू होगी और वह स्वयं उस पहली उड़ान के यात्री होंगे।उन्होंने कहा कि अभी एयरपोर्ट में एक रनवे है, लेकिन भविष्य में यहां पांच रनवे होंगे, जिससे यह एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल हो सकता है।
Avnish Awasthi: मेट्रो और RRTS ने बदली यात्रा की तस्वीर
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में मेट्रो परियोजनाओं के साथ-साथ दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) जैसी आधुनिक परिवहन सेवाएं भी शुरू हुई हैं। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि वे एक बार दिल्ली से मेरठ तक आरआरटीएस में यात्रा करें, ताकि आधुनिक भारत के बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर को करीब से देख सकें।
ऊर्जा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए अवस्थी ने कहा कि गर्मियों के दौरान उत्तर प्रदेश ने एक समय में लगभग 32,000 मेगावाट बिजली की आपूर्ति की। उन्होंने दावा किया कि बिजली आपूर्ति के मामले में राज्य देश में सबसे आगे पहुंच चुका है।उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई नए बिजली संयंत्र लगाए गए हैं और ऊर्जा क्षेत्र में लगातार सुधार हो रहा है।

कचरे से ऊर्जा बनाने पर जोर
अवस्थी ने कहा कि बढ़ती आबादी के साथ कचरा प्रबंधन एक बड़ी चुनौती है। अगर कचरे को गैस और ऊर्जा में बदला जाए तो देश की ऊर्जा जरूरतों का 20 से 25 प्रतिशत हिस्सा पूरा किया जा सकता है।उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में सीबीजी (कंप्रेस्ड बायोगैस) प्लांट लगाए जा रहे हैं और देश के कुल उत्पादन में राज्य की हिस्सेदारी सबसे अधिक होने की संभावना है।
उन्होंने लोगों से अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए सौर ऊर्जा बेहद जरूरी है।अवस्थी के अनुसार, प्रदेश में लोग अपने घरों से लगभग 5,000 मेगावाट बिजली का उत्पादन कर रहे हैं, जो एक बड़ी उपलब्धि है।
गांवों में भी तेजी से हो रहा विकास
ग्रामीण विकास की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि पंचायत हब बनाए जा रहे हैं, जहां लोगों को एक ही जगह पर कई सरकारी सुविधाएं मिल रही हैं।उन्होंने कहा कि गांवों में सड़क, बिजली, सरकारी सेवाएं और अन्य सुविधाएं पहले की तुलना में काफी बेहतर हुई हैं।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में लगभग हर जिले को चार लेन सड़कों से जोड़ा जा रहा है। साथ ही राज्य का रेलवे नेटवर्क भी लगातार मजबूत हो रहा है।पूर्वी और पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इससे उद्योग और व्यापार को काफी फायदा मिल रहा है।
अवस्थी ने बताया कि उन्होंने केंद्र सरकार के दिव्यांगजन विभाग में भी काम किया है। उन्होंने कहा कि 2015 में दिव्यांगजन अधिकार कानून को लागू कराने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिव्यांगजनों के हितों के प्रति बेहद संवेदनशील बताया।
दीपोत्सव ने बदली अयोध्या की पहचान
अवस्थी ने बताया कि 2017 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में भव्य दीपोत्सव मनाने का निर्णय लिया था। उस समय राम मंदिर पर अंतिम फैसला भी नहीं आया था।आज दीपोत्सव विश्व स्तर पर प्रसिद्ध हो चुका है। लाखों दीप जलाकर हर साल नए विश्व रिकॉर्ड बनाए जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि दीपोत्सव के दौरान भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण के आगमन की झांकी, सरयू आरती और भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम लोगों को आकर्षित करते हैं।
उन्होंने बताया कि अयोध्या में रूस, इंडोनेशिया, श्रीलंका और थाईलैंड की रामलीलाओं का भी मंचन कराया गया।उन्होंने खास तौर पर इंडोनेशिया की रामलीला का जिक्र करते हुए कहा कि उसके कई कलाकार मुस्लिम थे, लेकिन वे भगवान राम के प्रति गहरी आस्था रखते हैं।
काशी विश्वनाथ धाम बना पर्यटन का बड़ा केंद्र
अवस्थी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच के अनुसार काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर का निर्माण किया गया। इस परियोजना ने बाबा विश्वनाथ मंदिर और गंगा घाट को सीधे जोड़ दिया।उन्होंने बताया कि इस परियोजना पर लगभग 900 करोड़ रुपये खर्च हुए और आज यह वाराणसी की अर्थव्यवस्था को हर महीने लगभग 900 करोड़ रुपये का लाभ पहुंचा रही है।

एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। महाकुंभ और धार्मिक स्थलों के विकास से प्रदेश को बड़ा लाभ मिला है।
अपने संबोधन के अंत में अवस्थी ने कहा कि उत्तर प्रदेश तेजी से आर्थिक विकास की ओर बढ़ रहा है। राज्य का बजट 9.12 लाख करोड़ रुपये से अधिक है और पूंजीगत खर्च भी देश में सबसे अधिक है।उन्होंने कहा कि प्रदेश ने एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य तय किया है और वह जल्द ही इस दिशा में आगे बढ़ता दिखाई देगा।उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास न धन की कमी है, न योजनाओं की और न ही विकास की सोच की। अब लक्ष्य विकास की इस रफ्तार को और आगे बढ़ाना है।
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