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अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौते का दावा, होर्मुज स्ट्रेट खोलने की तैयारी

अमेरिका-ईरान डील से खुलेगा होर्मुज स्ट्रेट

US Iran Peace Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता हो गया है। ट्रंप के अनुसार, इस समझौते के बाद होर्मुज स्ट्रेट को बिना किसी टोल टैक्स के खोलने की अनुमति दे दी गई है। उन्होंने बताया कि 19 जून को दोनों देशों के बीच इस समझौते पर आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर किए जाएंगे।

हालांकि, ईरान की ओर से अभी तक इस डील को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इससे पहले भी ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए तैयार हो गया है। उन्होंने कहा था कि न्यूक्लियर प्रोग्राम, तेल प्रतिबंध, फ्रीज की गई संपत्तियों और होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े मुद्दों पर सहमति बन चुकी है।

वहीं, ईरान ने पहले ट्रंप के इस दावे को गलत बताया था। ईरान का कहना था कि अमेरिका को पहले 24 अरब डॉलर का फंड जारी करना होगा, इसके बाद ही किसी समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।

107 दिनों से जारी संघर्ष के बीच बड़ा फैसला

अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष पिछले 107 दिनों से जारी है। इस संघर्ष के शुरू होने के बाद से ही होर्मुज स्ट्रेट को बंद रखा गया है। यह समुद्री रास्ता वैश्विक तेल सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल की आवाजाही इसी मार्ग से होती है।

अगर होर्मुज स्ट्रेट दोबारा खुलता है, तो भारत समेत कई देशों में तेल की सप्लाई सामान्य हो सकती है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल यानी क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट आने की संभावना है।

US Iran Peace Deal: अमेरिका-ईरान डील से खुलेगा होर्मुज स्ट्रेट
अमेरिका-ईरान डील से खुलेगा होर्मुज स्ट्रेट

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ट्रंप ने रविवार शाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर शांति समझौते की घोषणा की। इस घोषणा के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार पर बना दबाव कुछ कम हुआ।अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, शांति समझौते पर 19 जून को स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर किए जाएंगे। ट्रंप ने कहा,”इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ डील अब पूरी हो गई है। सभी को बधाई।”उन्होंने दावा किया कि इस समझौते के बाद होर्मुज स्ट्रेट फिर से खोला जाएगा और ईरानी बंदरगाहों पर लगाया गया अमेरिकी नौसैनिक प्रतिबंध भी समाप्त कर दिया जाएगा।

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा,”मैं होर्मुज स्ट्रेट को बिना किसी टोल टैक्स के खोलने की पूरी मंजूरी देता हूं और साथ ही अमेरिका के नौसैनिक ब्लॉकेड को तुरंत हटाने की भी मंजूरी देता हूं। दुनिया के जहाजों, अपने इंजन शुरू करो। तेल को बहने दो।”हालांकि, बाद में ट्रंप ने एक अन्य पोस्ट में कहा कि आधिकारिक समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद शुक्रवार को होर्मुज स्ट्रेट को खोला जाएगा।

ट्रंप के 80वें जन्मदिन पर हुआ समझौते का ऐलान

जिस दिन डोनाल्ड ट्रंप 80 साल के हुए, उसी दिन इस समझौते की घोषणा की गई। इसके साथ ही युद्ध और कूटनीतिक तनाव से भरे एक सप्ताह का अंत हुआ।इस दौरान अमेरिका ने ईरान पर हमले किए थे और ट्रंप ने ईरान के सबसे बड़े तेल निर्यात केंद्र खार्ग आइलैंड पर नियंत्रण करने की धमकी भी दी थी। हालांकि, बाद में उन्होंने यह धमकी वापस ले ली।

ट्रंप ने कहा कि यह समझौता पूरे क्षेत्र में शांति और सुरक्षा लेकर आएगा। उन्होंने कहा,”अमेरिका के कई राष्ट्रपतियों ने ईरान के साथ शांति स्थापित करने की कोशिश की, लेकिन मुझसे पहले सभी असफल रहे।”उन्होंने आगे कहा कि क्षेत्रीय नेताओं को पहली बार ऐसा राष्ट्रपति मिला है जो उन्हें वास्तविक शांति दिलाने में मदद कर सकता है।

ट्रंप के अनुसार, शुक्रवार को समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद होर्मुज स्ट्रेट को खोल दिया जाएगा और समुद्री मार्ग में मौजूद खतरों को हटाने के बाद दुनिया के दोनों हिस्सों में फिर से तेल की सप्लाई शुरू हो जाएगी।

60 दिनों में यूरेनियम को लेकर होगी बातचीत

समझौते की घोषणा से कुछ घंटे पहले लेबनान की राजधानी बेरूत में Hezbollah के ठिकानों पर इजराइल ने हवाई हमले किए, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया।इसके बाद ट्रंप और इजराइली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के बीच भी तनावपूर्ण बातचीत हुई। ट्रंप ने अमेरिकी मीडिया को बताया कि उन्होंने नेतन्याहू और ईरानी वार्ताकारों से नए हमलों से बचने की अपील की है।

इस समझौते के तहत अमेरिका और ईरान अगले 60 दिनों के अंदर ईरान के परमाणु संवर्धन कार्यक्रम और अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के निपटारे को लेकर बातचीत करेंगे।

28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल ने किया था ईरान पर हमला

यह समझौता पाकिस्तान और कतर जैसे मध्यस्थ देशों की मदद से हुआ। शुरुआत में 8 अप्रैल को दो हफ्तों के लिए युद्धविराम समझौता किया गया था, जिसे बातचीत पूरी होने तक आगे बढ़ाया गया।इससे पहले 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमले किए थे। इन हमलों में ईरान ने अपनी कई शीर्ष नेतृत्व हस्तियों को खो दिया था।

इनमें सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई, सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के कमांडर मोहम्मद पाकपुर, रक्षा मंत्री अजीज नसीरजादेह और कई अन्य लोग शामिल थे।खामेनेई के बेटे मोजतबा को अब ईरान का नया सुप्रीम लीडर बताया गया है। हालांकि, युद्ध शुरू होने के बाद से उन्हें सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है।

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