Home » Breaking News » PM मोदी-ट्रंप मुलाकात से पहले भारत को बड़ा झटका! अमेरिका ने चला ऐसा दांव, बढ़ी चिंता

PM मोदी-ट्रंप मुलाकात से पहले भारत को बड़ा झटका! अमेरिका ने चला ऐसा दांव, बढ़ी चिंता

G7 Summit News: जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रस्तावित द्विपक्षीय बैठक से ठीक पहले अमेरिका ने एक अहम सैन्य फैसला लिया है। अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) ने यूएस इंडो-पैसिफिक कमांड (USINDOPACOM) का नाम बदलकर फिर से यूएस पैसिफिक कमांड (USPACOM) कर दिया है। इस फैसले ने अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक और कूटनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।

हवाई स्थित यह सैन्य कमान अमेरिका की सबसे महत्वपूर्ण भौगोलिक सैन्य इकाइयों में से एक है, जिसका दायरा हिंद महासागर से लेकर प्रशांत महासागर तक फैला हुआ है। इसी कमान के अंतर्गत अमेरिकी नौसेना का सातवां बेड़ा भी आता है। वर्ष 2018 में डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान इसका नाम यूएस पैसिफिक कमांड से बदलकर यूएस इंडो-पैसिफिक कमांड किया गया था। उस समय तत्कालीन अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस ने कहा था कि यह बदलाव भारत की बढ़ती रणनीतिक भूमिका और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की साझा सुरक्षा चुनौतियों को मान्यता देने के लिए किया गया है।

पेंटागन का दावा- नाम बदला है

हालांकि पेंटागन ने अब इस नाम परिवर्तन को केवल प्रशासनिक और ऐतिहासिक फैसला बताया है। अमेरिकी रक्षा विभाग का कहना है कि इसका उद्देश्य द्वितीय विश्व युद्ध के बाद विकसित हुई सैन्य विरासत और परंपराओं को सम्मान देना है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस बदलाव से कमान के क्षेत्राधिकार, मिशन, संचालन या जिम्मेदारियों में कोई परिवर्तन नहीं होगा।

G7 Summit News: ‘इंडो’ शब्द हटने से उठे नए सवाल

इसके बावजूद इस फैसले के समय को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच बना क्वाड समूह हिंद-प्रशांत क्षेत्र की रणनीति पर आधारित माना जाता है। ऐसे में कमान के नाम से “इंडो” शब्द हटने को कई रणनीतिक विशेषज्ञ प्रतीकात्मक संदेश के रूप में देख रहे हैं। उनका मानना है कि इससे अमेरिका की क्षेत्रीय प्राथमिकताओं को लेकर नई चर्चाओं को बल मिल सकता है।

चर्चा से पहले आया फैसला बना चर्चा का विषय

यह फैसला ऐसे समय आया है जब फ्रांस के एवियन में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच व्यापार, सप्लाई चेन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, निवेश, रक्षा सहयोग और वैश्विक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होनी है। हाल के महीनों में टैरिफ विवाद, पाकिस्तान को लेकर अमेरिकी रुख और कुछ अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर दोनों देशों के बीच मतभेदों की चर्चाएं भी होती रही हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही पेंटागन इस फैसले को तकनीकी और प्रशासनिक बता रहा हो, लेकिन मोदी-ट्रंप मुलाकात से ठीक पहले इसका सामने आना इसे और अधिक महत्वपूर्ण बना देता है। यही वजह है कि इस फैसले को लेकर राजनीतिक, सामरिक और कूटनीतिक स्तर पर विभिन्न तरह की व्याख्याएं की जा रही हैं।

G7 Summit News: अब दुनिया की नजर मोदी-ट्रंप वार्ता पर टिकी

फिलहाल अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि नाम परिवर्तन का भारत-अमेरिका संबंधों या हिंद महासागर क्षेत्र में अमेरिका की रणनीतिक प्रतिबद्धताओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इसके बावजूद जी7 सम्मेलन के दौरान होने वाली मोदी-ट्रंप वार्ता और इस फैसले के संभावित संकेतों पर दुनिया भर की नजरें टिकी हुई हैं।

ये भी पढ़े… कर्नाटक में लोकायुक्त का बड़ा एक्शन: 35 ठिकानों पर छापे, ₹31 करोड़ की संपत्ति उजागर