Bihar News: भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव के रहने वाले भरत भूषण तिवारी की पटना में इलाज के दौरान मौत होने के बाद गुरुवार को पूरे इलाके में तनाव फैल गया। भरत भूषण तिवारी बुधवार को पुलिस की गोली लगने से घायल हुए थे। उनकी मौत की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। बड़ी संख्या में लोग शव लेकर आरा-बक्सर फोर लेन पर पहुंच गए और बिलौटी गांव के समीप सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।ग्रामीणों का आरोप है कि भरत भूषण तिवारी पुलिस की कार्रवाई के शिकार हुए हैं और पूरे मामले में कई सवालों के जवाब अभी तक नहीं मिले हैं। इसी वजह से लोगों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
फर्जी एनकाउंटर का आरोप, न्याय की मांग पर अड़े ग्रामीण
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों और मृतक के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि यह कोई सामान्य पुलिस कार्रवाई नहीं, बल्कि फर्जी एनकाउंटर का मामला है। लोगों ने मांग की कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक दोषी अधिकारियों और कर्मियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। सड़क पर बैठे लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और न्याय की मांग को लेकर घंटों डटे रहे।
Bihar News: चार घंटे तक ठप रहा आरा-बक्सर फोर लेन, वाहनों की लगी लंबी कतार
सुबह शुरू हुआ प्रदर्शन धीरे-धीरे बड़े आंदोलन का रूप लेता गया। करीब चार घंटे तक आरा-बक्सर फोर लेन पूरी तरह जाम रहा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और कई वाहन घंटों तक जाम में फंसे रहे।स्थानीय प्रशासन लगातार प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास करता रहा, लेकिन आक्रोशित ग्रामीण अपनी मांगों से पीछे हटने को तैयार नहीं थे। इससे हालात और अधिक तनावपूर्ण हो गए।मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने कई दौर की बातचीत के जरिए सड़क जाम समाप्त कराने की कोशिश की। अधिकारियों ने परिजनों को जांच का भरोसा भी दिलाया, लेकिन प्रदर्शनकारी कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।समय बीतने के साथ पुलिस और ग्रामीणों के बीच बहस और नोकझोंक बढ़ती गई। दोनों पक्षों के बीच तनाव का माहौल बन गया और स्थिति नियंत्रण से बाहर होती दिखाई देने लगी।
Bihar News: सड़क खाली कराने के लिए पुलिस का लाठीचार्ज, मची अफरा-तफरी
जब बातचीत के जरिए रास्ता नहीं निकला और यातायात पूरी तरह बाधित रहा, तब पुलिस ने सड़क खाली कराने के लिए बल प्रयोग किया। पुलिस के लाठीचार्ज करते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्रदर्शनकारी इधर-उधर भागने लगे, जबकि पुलिसकर्मियों ने सड़क पर बैठे लोगों को हटाकर यातायात बहाल कराने की कोशिश की।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इस दौरान कई लोगों को चोटें भी आईं, हालांकि प्रशासन की ओर से घायल लोगों की संख्या को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। लाठीचार्ज के बाद कुछ देर तक इलाके में तनाव और भय का माहौल बना रहा।
उच्चस्तरीय जांच की मांग तेज, इलाके में भारी पुलिस बल तैनात
भरत भूषण तिवारी की मौत के बाद अब पूरा मामला राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बन गया है। ग्रामीण लगातार यह मांग कर रहे हैं कि घटना की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और यदि किसी प्रकार की लापरवाही या गलत कार्रवाई सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।वहीं पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना और यातायात बहाल करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी थी। अधिकारियों के अनुसार कई बार समझाने के बावजूद जब प्रदर्शनकारी सड़क खाली करने को तैयार नहीं हुए, तब मजबूरन कार्रवाई करनी पड़ी।फिलहाल बिलौटी गांव और आसपास के क्षेत्रों में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है, जबकि मृतक के परिजन न्याय की मांग को लेकर अपने आंदोलन पर अडिग हैं।







