President news: मध्य प्रदेश के दौरे पर पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को अपने पांच दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत ओंकारेश्वर से की। 18 से 22 जून तक चलने वाले इस दौरे में वह ओंकारेश्वर, बैतूल, जबलपुर और कूनो राष्ट्रीय उद्यान का दौरा करेंगी। इंदौर पहुंचने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनका स्वागत किया, जिसके बाद राष्ट्रपति सीधे भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए रवाना हो गईं।
बैतूल में हुआ भव्य स्वागत
ओंकारेश्वर में पूजा-अर्चना के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बैतूल पहुंचीं। यहां राज्यपाल मंगूभाई पटेल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उइके, प्रभारी मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल और पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन समेत कई जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। बैतूल में राष्ट्रपति ने ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा आयोजित “आध्यात्मिक जागृति के जरिए आदिवासी समाज का सशक्तिकरण” विषयक सम्मेलन में हिस्सा लिया।
President news: आदिवासी जीवनशैली को बताया दुनिया के लिए प्रेरणा
सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि आज की भागदौड़ और भौतिकवादी दुनिया में आदिवासी समाज की जीवनशैली मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि प्रकृति और पर्यावरण के प्रति आदिवासी समुदाय का सम्मान हमें संतुलित जीवन जीने की सीख देता है। राष्ट्रपति ने इस जीवन पद्धति को वैश्विक शांति और सतत विकास के लिए भी महत्वपूर्ण बताया।
President news: जबलपुर में राष्ट्रपति के दौरे को लेकर सुरक्षा बढ़ी
राष्ट्रपति के आगामी जबलपुर दौरे को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। 20 और 21 जून को शहर के कई महत्वपूर्ण इलाकों को नो-फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है। इनमें डुमना एयरपोर्ट, गेरिसन ग्राउंड, सर्किट हाउस-1, एमईएस रेस्ट हाउस और रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय का क्षेत्र शामिल है। इसके अलावा राष्ट्रपति के आवागमन मार्ग पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी।
ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह रोक, उल्लंघन पर कार्रवाई
President news: पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के आदेश के अनुसार 20 जून सुबह 10 बजे से 21 जून रात 10 बजे तक प्रतिबंध लागू रहेगा। इस दौरान ड्रोन, पैराग्लाइडर, हॉट एयर बैलून और अन्य उड़ने वाली वस्तुओं के संचालन पर पूरी तरह रोक रहेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ वायुयान अधिनियम 1934 सहित अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ये भी पढ़ें: यूक्रेन का रूस पर बड़ा पलटवार, मॉस्को की ऑयल रिफाइनरी पर हमला; आसमान में छाया काला धुआं








